World Hindi Diwas 2026: भाषण, और इस साल की विशेष थीम "हिंदी: यहाँ पढ़ें

Jan 9, 2026, 13:02 IST

World Hindi Diwas 2026: विश्व हिंदी दिवस हर साल 10 जनवरी को मनाया जाता है उसका मुख्य उद्देश्य हिंदी को वैश्विक स्तर पर एक सशक्त और आधुनिक भाषा के रूप में स्थापित करना है। इस वर्ष की थीम "हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक" यह दर्शाती है कि हिंदी अब केवल साहित्य की भाषा नहीं, बल्कि डिजिटल क्रांति और आधुनिक तकनीक का भी अहम हिस्सा है। भारत सरकार द्वारा हिंदी को संयुक्त राष्ट्र (UN) की आधिकारिक भाषा बनाने के प्रयासों और इसके बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय प्रभाव के कारण आज की युवा पीढ़ी और छात्रों के लिए इसका महत्व और भी बढ़ गया है।

विश्व हिंदी दिवस 2026
विश्व हिंदी दिवस 2026

World Hindi Diwas 2026 हमें हिंदी भाषा के महत्व, उसके इतिहास और वैश्विक पहचान को समझने का अवसर देता है। हर साल 10 जनवरी को मनाया जाने वाला यह दिवस हिंदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से मनाया जाता है। हिंदी केवल बोलचाल की भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं से जुड़ी हुई है। 

आज के समय में हिंदी शिक्षा, साहित्य, मीडिया और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। इस लेख में आपको Hindi Diwas Speech in Hindi, छात्रों के लिए संक्षेप व विस्तृत भाषण, 10 लाइनों का भाषण, हिंदी दिवस की थीम 2026 और इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ सरल और आसान भाषा में मिलेंगी, जिसे कोई भी छात्र आसानी से समझ सकता है।

क्या है हिंदी दिवस 2026 ka थीम?

हिंदी दिवस 2026 की थीम “हिंदी: पारंपरिक ज्ञान से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक” रखी गई है। यह विषय इस बात पर जोर देता है कि हिंदी केवल सांस्कृतिक और साहित्यिक भाषा ही नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक की दुनिया में भी तेजी से अपनी जगह बना रही है। आज हिंदी का उपयोग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टूल्स और स्मार्ट टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बढ़ रहा है।

इस थीम का मुख्य उद्देश्य यह दिखाना है कि हिंदी पारंपरिक ज्ञान की वाहक होने के साथ-साथ तकनीकी नवाचारों में भी सक्षम है। सरकार द्वारा हिंदी को कोडिंग, एआई टूल्स और विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अधिक सहज और उपयोगी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि आम लोग तकनीक से बेहतर तरीके से जुड़ सकें।

इसके साथ ही, भारत सरकार लंबे समय से हिंदी को संयुक्त राष्ट्र की सातवीं आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने की दिशा में प्रयासरत है। वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र में अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश, चीनी, अरबी और रूसी आधिकारिक भाषाएँ हैं। हिंदी को इस सूची में शामिल करने का उद्देश्य वैश्विक मंच पर भारत की भाषाई और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करना है।

किसकी याद में मनाया जाता है विश्व हिंदी दिवस?

हिंदी दिवस हमारी राष्ट्रीय भाषा हिंदी के सम्मान में मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा को देश और दुनिया में आगे बढ़ाना है। हिंदी हमारे देश के लोगों को आपस में जोड़ती है और राष्ट्रीय एकता को मजबूत बनाती है।

भारत को आज़ादी मिलने के दो साल बाद, 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत की आधिकारिक राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। इसी महत्वपूर्ण फैसले की याद में हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है।

इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में भाषण, कविता और निबंध जैसी गतिविधियाँ होती हैं, ताकि बच्चे और बड़े सभी हिंदी भाषा का महत्व समझें और उस पर गर्व करें। हिंदी दिवस हमें सिखाता है कि अपनी भाषा से प्यार करना बहुत ज़रूरी है।

विश्व हिंदी दिवस पर भाषण 10 लाइन में 

  1. आज हम विश्व हिंदी दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं।

  2. यह दिन 10 जनवरी को हर साल मनाया जाता है।

  3. विश्व हिंदी दिवस का उद्देश्य हिंदी को विश्व स्तर पर पहचान देना है।

  4. हिंदी हमारी संस्कृति, पहचान और भावना की भाषा है।

  5. यह भाषा करोड़ों लोगों को आपस में जोड़ती है।

  6. हिंदी दुनिया की प्रमुख भाषाओं में से एक है।

  7. इसके माध्यम से हम अपनी भावनाएँ आसानी से व्यक्त कर सकते हैं।

  8. हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व है।

  9. आइए हम हिंदी को और आगे बढ़ाएँ।

  10. हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि हम सभी को एकता के सूत्र में पिरोने वाली कड़ी है।

धन्यवाद।

विश्व हिंदी दिवस पर भाषण: 200 शब्दों में 

नमस्कार,

आज हम सभी यहाँ विश्व हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमें हमारी मातृभाषा हिंदी के गौरवशाली इतिहास, उसकी समृद्ध संस्कृति और उसके वैश्विक योगदान की याद दिलाता है। हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी पहचान, हमारी भावना और हमारी संस्कृति की आत्मा है। इस अवसर पर हमें हिंदी भाषा के विकास, उसके साहित्य और उसकी सुंदरता पर गर्व करना चाहिए।

विश्व हिंदी दिवस का इतिहास भी उतना ही प्रेरणादायक है। इसकी शुरुआत वर्ष 1975 में नागपुर में आयोजित पहले विश्व हिंदी सम्मेलन की स्मृति में की गई थी। इस दिन का उद्देश्य हिंदी भाषा को एक अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना और साहित्य, संस्कृति व विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना था। यह पहल हिंदी को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

आज हिंदी भाषा का वैश्विक महत्व निरंतर बढ़ रहा है। हिंदी केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया के कई देशों में बोली, पढ़ी और समझी जाती है। विभिन्न महाद्वीपों में बसे हिंदी-भाषी समुदायों के कारण हिंदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रही है। साहित्य, सिनेमा और तकनीकी क्षेत्रों में हिंदी का तेजी से विस्तार युवा पीढ़ी को भी इस भाषा से जोड़ रहा है।

अंत में, आइए हम सभी संकल्प लें कि हिंदी भाषा को न केवल अपनाएँगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों तक इसकी गरिमा और महत्व को बनाए रखेंगे।

धन्यवाद।

विश्व हिंदी दिवस पर भाषण: 500 शब्दों में 

सुप्रभात,
आदरणीय प्रधानाचार्य महोदय/महोदया,
सम्मानित शिक्षकगण
और मेरे प्यारे साथियों,

आज हम सभी यहाँ विश्व हिंदी दिवस के पावन अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह मेरे लिए गर्व और सौभाग्य की बात है कि मुझे इस महत्वपूर्ण दिन पर अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिला है। विश्व हिंदी दिवस हर वर्ष 10 जनवरी को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व को वैश्विक स्तर पर स्थापित करना और इसके प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देना है।

हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, परंपरा और भावनाओं की पहचान है। यह वह भाषा है जिसमें हमने बोलना सीखा, अपने विचार व्यक्त किए और अपने सपनों को आकार दिया। हिंदी ने हमें जोड़ा है, घर, समाज और देश से। आज जब दुनिया तेजी से आगे बढ़ रही है, तब हिंदी भी समय के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।

विश्व हिंदी दिवस का इतिहास हमें प्रेरणा देता है। वर्ष 1975 में महाराष्ट्र के नागपुर में पहला विश्व हिंदी सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसी ऐतिहासिक सम्मेलन की स्मृति में हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य हिंदी को अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना और विभिन्न देशों में बसे हिंदी प्रेमियों को एक सूत्र में बाँधना है।

आज हिंदी का वैश्विक महत्व लगातार बढ़ रहा है। भारत के अलावा अमेरिका, कनाडा, मॉरीशस, फिजी, नेपाल, दक्षिण अफ्रीका जैसे कई देशों में हिंदी बोली और पढ़ी जाती है। हिंदी फिल्मों, साहित्य, मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से पूरी दुनिया में अपनी पहचान बना चुकी है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, यूट्यूब और पॉडकास्ट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हिंदी की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।

वर्तमान समय में हिंदी तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी अपनी जगह बना रही है। आज मोबाइल ऐप्स, वॉयस असिस्टेंट, ऑनलाइन शिक्षा और डिजिटल सेवाओं में हिंदी का उपयोग बढ़ रहा है। सरकार और विभिन्न संस्थाएँ हिंदी को तकनीक-अनुकूल बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं, ताकि आम नागरिक अपनी भाषा में डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठा सकें।

साथियों, हिंदी को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या संस्थाओं की नहीं है, बल्कि हम सबकी है। हमें गर्व के साथ हिंदी बोलनी चाहिए, लिखनी चाहिए और इसका प्रयोग अपने दैनिक जीवन में करना चाहिए। साथ ही, हमें अन्य भाषाओं का सम्मान करते हुए हिंदी की गरिमा को बनाए रखना चाहिए।

अंत में, मैं यही कहना चाहूँगा/चाहूँगी कि आइए हम सभी संकल्प लें कि हम हिंदी भाषा का सम्मान करेंगे, इसका अधिक से अधिक प्रयोग करेंगे और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी समृद्ध विरासत को पहुँचाएंगे।

हिंदी है हमारी शान, हिंदी है हमारी पहचान।

धन्यवाद।

विश्व हिंदी दिवस हमें अपनी मातृभाषा पर गर्व करना सिखाता है। हिंदी हमारी पहचान है और इसे आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। आइए, हिंदी को अपनाएँ और उसकी गरिमा को बनाए रखें।

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Aayesha Sharma
Aayesha Sharma

Content Writer

Aayesha Sharma is a content writer at Jagran Josh, specializing in Education News. She holds a degree in Journalism and Mass Communication from the Institute of Management Studies, Ghaziabad. Passionate about creating impactful content, Aayesha enjoys reading and writing in her free time. For any quiery, you can reach her at aayesha.sharma@jagrannewmedia.com.

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