UPSC Topper 2021 AIR 14 Taruni Pandey: सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2021 में IPS तरूणी पांडे ने ऑल इंडिया रैंक-14 हासिल कर सफलता का परचम लहराया है। पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन में जन्मीं ने तरूणी पांडे ने कड़ी मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। हालांकि वह MBBS की पढ़ाई कर रही थी और उनका दूसरा साल भी शुरू हो गया था। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तरूणी की यह कहानी हजारों UPSC अभ्यर्थियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन गई है। आज हम आपको उनकी सफलता की कहानी के बारे में बताएंगे।
कौन है तरुणी पांडे?
तरुणी पांडे का जन्म पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन में हुआ था, लेकिन उनका बचपन झारखंड के जामताड़ा में बीता।तरुणी ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक-14 हासिल कर अपनी एक अलग पहचान बनाई। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अधिकतम आयु सीमा के बिल्कुल पॉइंट पर खड़ी तरुणी की जिंदगी ऐसी पलटी कि वे पहले ही अटेंप्ट में टॉपर लिस्ट में शामिल थीं और IAS बनीं। तरुणी ने बिना कोचिंग यूपीएससी का एग्जाम क्रैक किया। वह एक मिडिल क्लास परिवार से आती है। परिवार के पास हमेशा सीमित संसाधन थे। साल 2016 में उनके परिवार को सबसे बड़ा झटका लगा। बड़ी बेटी के पति श्रीनगर में शहीद हो गए। वे CRPF में असिस्टेंट कमांडेंट पद पर तैनात थे। इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया था। जब तरुणी अपनी बहन की नौकरी के लिए तरुणी कई ऑफिसर्स से मिल रही थी। तभी उन्हें IAS ऑफिसर की जिम्मेदारी और पावर के बारे में पता चला। एक दिन उन्होंने फैसला किया कि उन्हें भी सिविल सेवा में जाना है।
तरुणी पांडे की पढ़ाई
तरुणी ने अपनी स्कूली शिक्षा पश्चिम बंगाल में ही पूरी की। घर की आर्थिक तंगी के चलते जैसे-तैसे 10वीं क्लास तक की पढ़ाई प्राइवेट स्कूल में हुई। 10वीं के बाद जामताड़ा के एक सरकारी स्कूल में दाखिला लेना पड़ा। तरुणी पांडे बचपन से पढ़ाई में होशियार रही हैं। वे आगे डॉक्टर बनना चाहती थीं। 12वीं के बाद सिक्किम के एक मेडिकल कॉलेज में MBBS में एडमिशन भी हो गया। लेकिन उनकी किस्मत में कुछ और ही लिखा था। एमबीबीएस के दूसरे साल में वे बीमार हो गईं और पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी। वे वापस अपने घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने इग्नू से ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन किया।
तरुणी पांडे ने UPSC की तैयारी कैसे की?
तरुणी पांडे के UPSC CSE 2021 की परीक्षा में सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई और सही रणनीति की भूमिका रही है। बेसिक के लिए सामान्य अध्ययन, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर मजबूत पकड़ बनाई। वह हमेशा अपडेट रहने के लिए अखबार, सरकारी रिपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर नजरे बनाए रखती थी। मेन्स की परीक्षा के लिए जीनिया रोजाना लिख-लिख कर अभ्यास करती थी और इंटरव्यू के लिए मॉक इंटरव्यू में भाग लेती थी।
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