केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2026 की बोर्ड एग्जाम के लिए इम्प्रूवमेंट एग्जाम, एलिजिबिलिटी नियमों और रिवाइज्ड एग्जाम पैटर्न के संबंध में महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण जारी किए हैं। ये अपडेट छात्रों और पेरेंट्स की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया, कक्षा 12 पास करने के बाद एगजाम देने के ऑप्शन और कक्षा 10 और 12 दोनों के लिए मूल्यांकन की नई संरचना से संबंधित प्रमुख चिंताओं का समाधान करते हैं। ये स्पष्टीकरण CBSE के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज ने अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर में साझा किए हैं। बोर्ड ने इम्प्रूवमेंट परीक्षा और क्वेश्चन पेपर पैटर्न को लेकर नई स्पष्टीकरण गाइडलाइन जारी कर दी है।
1. साल में दो बार बोर्ड एग्जाम (केवल कक्षा 10वीं के लिए)
2026 से कक्षा 10वीं के छात्रों को साल में दो बार बोर्ड एग्जाम में बैठने का मौका मिलेगा।
- पहला चरण : फरवरी-मार्च 2026 में।
- दूसरा चरण : मई-जून 2026 में होगा। साथ ही, यह ऑप्शनल है।
छात्र अपने स्कोर को बेहतर बनाने के लिए कम से कम 3 सब्जेक्ट्स में दोबारा एग्जाम दे सकते हैं। दोनों प्रयासों में से जिसमें बेहतर अंक होंगे, उन्हें ही फाइनल मार्कशीट में जोड़ा जाएगा।
2. नया एग्जाम पैटर्न: अब 'रटना' नहीं 'समझना' होगा जरूरी
CBSE ने प्रश्नपत्रों के स्वरूप में कई बदलाव किया है। अब 50% प्रश्न योग्यता-आधारित होंगे। छात्र नीचे दी गई टेबल से डिटेल में समझे।
| प्रश्न का प्रकार | वेटेज | उद्देश्य |
| योग्यता-आधारित प्रश्न | 50% | केस स्टडी, वास्तविक जीवन की समस्याओं और विश्लेषण पर आधारित। |
| वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs) | 20% | वैचारिक स्पष्टता की जांच के लिए। |
| लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्न | 30% | विषय के विस्तृत ज्ञान और लेखन क्षमता के लिए। |
3. इम्प्रूवमेंट एग्जाम के नए नियम
CBSE बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इम्प्रूवमेंट एग्जाम का लाभ छात्र कैसे उठा सकते हैं। ये नीचे विसतार से समझाया गया है।
- कक्षा 12वीं के लिए: कक्षा 12वीं के छात्र मुख्य एग्जाम के बाद केवल एक सब्जेक्ट में अपना स्कोर सुधारने के लिए जुलाई में होने वाले सप्लीमेंट्री एग्जाम में बैठ सकते हैं।
- अनिवार्य उपस्थिति: बोर्ड एग्जाम में बैठने के लिए छात्र की कम से कम 75% उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है।
- प्रैक्टिकल मार्क्स: इम्प्रूवमेंट एग्जाम केवल थ्योरी पेपर के लिए होगी। प्रैक्टिकल के पुराने अंक ही आगे भी बढ़ाए जाएंगे।
4. साइंस और सोशल साइंस के लिए 'सेक्शन' रूल
इस बार 10वीं की आंसर-शीट के मूल्यांकन को बेहतर बनाने के लिए बोर्ड ने एक नया नियम लागू किया है:
- विज्ञान: पेपर तीन भागों में बंटा जाएगा।
- सेक्शन A (Biology)
- B (Chemistry)
- C (Physics)।
- सामाजिक विज्ञान (SST): यह चार भागों में बंटा जाएगा।
- इतिहास
- भूगोल
- राजनीति विज्ञान
- अर्थशास्त्र।
Revised CBSE Exam Pattern: 2026 के लिए रिवाइज्ड CBSE एग्जाम पैटर्न
CBSE नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के अनुरूप अपने मूल्यांकन को जारी रखे हुए है, जिसमें ऐसे बदलाव पेश किए गए हैं, जो वैचारिक समझ और अनुप्रयोग पर जोर देते हैं:
50% योग्यता-आधारित प्रश्न
बोर्ड ने पुष्टि की है कि 2026 में कक्षा 10 और कक्षा 12 दोनों के बोर्ड एग्जाम में आधे प्रश्न योग्यता-आधारित होंगे। ये प्रश्न रटने के बजाय विश्लेषणात्मक सोच, अवधारणाओं के अनुप्रयोग और वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने पर केंद्रित होंगे।
New Question Paper Format: CBSE द्वारा नया प्रश्न पत्र का पैटर्न
CBSE द्वारा बदले गए प्रश्न पत्र का नया पैटर्न निम्नलिखित है।
- बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)
- ऑब्जेक्टिव और शॉर्ट आंसर वाले प्रश्न
- केस-आधारित, स्रोत-आधारित और विश्लेषणात्मक दक्षता प्रश्न
मार्कशीट और प्रतिशत गणना नीति
कॉलेज में दाखिले के दौरान अक्सर बोर्ड के प्रतिशत की गणना को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है। सीबीएसई ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि बोर्ड रेगुलर और प्राइवेट, किसी भी छात्रों के लिए प्रतिशत की गणना नहीं करता है।
CBSE द्वारा जारी ऑफिशियल मार्कशीट-सह-पासिंग सर्टिफिकेट में केवल प्राप्त अंक और दिए गए ग्रेड ही दर्शाए जाते हैं। यदि उच्च शिक्षा में दाखिले या रोजगार के लिए किसी विशिष्ट प्रतिशत की आवश्यकता होती है, तो इसकी गणना अपने मानदंडों के आधार पर करना संबंधित संस्थान या संगठन की जिम्मेदारी है।
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