किसान के बेटे आर्यन अमित ने UPSC CAPF परीक्षा में हासिल की AIR 193, बने असिस्टेंट कमांडेंट
ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले, ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है। सफलता की कहानी की इस सीरीज़ में आज हम बात करेंगे, बिहार के रहने वाले आर्यन अमित की, जिन्होंने UPSC CAPF परीक्षा में 193वीं रैंक हासिल की और असिस्टेंट कमांडेंट बन गए। अपनी इस सफलता से उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादों और कड़ी मेहनत के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है।
अगर हम UPSC परीक्षा की बात करें, तो यह परीक्षा देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाती है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता सिर्फ चुनिंदा लोगों को ही मिलती है। इस मुकाम को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत, जुनून, लगन और कभी न हारने वाले जज्बे की जरूरत होती है। बिहार के समस्तीपुर जिले के रहने वाले आर्यन अमित ने इस चुनौती को स्वीकार किया और अपनी मेहनत के दम पर इसे सच कर दिखाया। उन्होंने साल 2025 की UPSC CAPF परीक्षा में 193वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर यह सफलता प्राप्त की।
आर्यन के असिस्टेंट कमांडेंट बनने से उनके पिता और पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू हैं। वह न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक मिसाल बनकर उभरे हैं, और आज पूरा देश उनके इस हौसले को सलाम कर रहा है। आइए जानते हैं उनकी इस प्रेरणादायक सफलता की पूरी कहानी।
किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं आर्यन अमित
आर्यन अमित का जन्म बिहार के समस्तीपुर जिले के एक छोटे से गांव बाबुपुर में हुआ। वह एक किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। आर्यन के पिता का नाम श्री बलराम सिंह है, जो पेशे से किसान है और खेती करके ही परिवार का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने अपनी ग्रेजुएशन आर.एन.ए.आर. कॉलेज, समस्तीपुर (ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा से संबद्ध) से पूरी की और इसके बाद वह UPSC की तैयारी में जुट गए और आज जिसका रिजल्ट हम सभी के सामने हैं।
मुश्किलों को मात देकर ऐसे बने असिस्टेंट कमांडेंट
हालांकि, आर्यन अमित का यह सफर इतना आसान नहीं था। उन्हें तैयारी के दौरान पांच सालों तक लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा, लेकिन आर्यन ने कभी हार नहीं मानी; वे अपनी गलतियों से सीखते रहे और आगे बढ़ते रहे। कुछ कर गुजरने का सपना जो उनके मन में पल रहा था, वह तब और मुश्किल हो गया जब वे दो बार BPSC में चयन से मात्र 3 नंबर से चूक गए। इसके बाद आर्यन की हिम्मत धीरे-धीरे टूटने लगी और उन्होंने साल 2025 में UPSC CAPF की परीक्षा न देने का मन बना लिया था। पर इस मुश्किल वक्त में उनके दोस्तों ने उनका साथ दिया और उन्हें संभाला। अभी वे इस सदमे से उभर ही रहे थे कि उनकी नानी श्रीमती सुशीला देवी का निधन हो गया। लेकिन इन तमाम झटकों के बावजूद उन्होंने अपने कदम पीछे नहीं खींचे, बल्कि अपनी मुश्किलों को अपना हथियार बनाया। आखिरकार, उनकी मेहनत रंग लाई और उनके घर में उस वक्त एक नई सुबह ने दस्तक दी, जब उनका चयन असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर हो गया।
आर्यन अमित कहते हैं कि “मैं यह सफलता अपने परिवार, अपनी दिवंगत नानी और अपने दोस्त प्रीतम को समर्पित करता हूँ, जिन्होंने मुझे खुद से हार नहीं मानने दी।”
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Farhan Khan is an education journalist with over 3 years of experience specializing in the public sector recruitment space. From UPSC and SSC to Banking and Defense, he provides end-to-end coverage on exam notifications, admit cards, and Sarkari results. Farhan holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambheshwar University and blends research-driven journalism with creative storytelling to guide aspirants through their exam preparation journeys.