Samagra Shiksha 3.0: दिल्ली की शिक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। 1 अप्रैल 2026 से 'समग्र शिक्षा अभियान 3.0' के नए रिफॉर्म्स लागू किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों के संचालन में स्थानीय समुदाय और पेरेंट्स की भूमिका को सक्रिय करना है।
इस एजुकेशन सिस्टम में विकसित भारत 2047 और छात्रों की जरूरतों के आधार पर स्कूलों को समाज से जोड़ने पर काम किया जाएगा। सरकारी स्कूलों की मैनेजमेंट कमेटी में पहली बार पेरेंट्स, आम लोग को सदस्य के रूप में जोड़ा जाएगा। यह पढ़ाई, खेल, कौशल, फीस, तनाव और ड्रॉपआउट रोकने साथ ही, टीचर्स की ट्रेनिंग पर सुझाव देंगे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने 9 जनवरी को राज्य सरकार और एक्सपर्ट्स के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें केंद्र के समग्र शिक्षा विद्यालय शिक्षा कार्यक्रम के अगले चरण पर चर्चा की गई थी। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालयों को एक बार फिर समाज को सौंपना आवश्यक है, ताकि छात्रों के विकास को बढ़ावा दिया जा सकें। साथ ही, टेक्नोलॉजी के माध्यम से छात्रों के ज्ञान में वृद्धि किया जा सके।
Together with Shri @jayantrld ji co-chaired the Consultation Meeting for re-imagining Samagra Shiksha.
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) January 9, 2026
Appreciate the enthusiastic participation and valuable suggestions of academic experts, senior officials of sectoral Ministries, @EduMinOfIndia and from the 11 participating… pic.twitter.com/E0CMSE3ijK
जन-भागीदारी से बदलेगी स्कूलों की सूरत
नए रिफॉर्म के कारण, अब स्कूलों के दैनिक कार्यों, फंड के उपयोग और बुनियादी ढांचे की देखरेख में SMC यानी स्कूल मैनेजमेंट के साथ-साथ नागरिकों और शिक्षाविदों को भी जोड़ा जाएगा। इससे स्कूलों में चल रही गतिविधियों की सीधी निगरानी जनता कर सकेगी।
समग्र शिक्षा अभियान 3.0: क्या बदलेगा?
इस नए स्टेप्स में शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्य बदलावों को नीचे दी गई टेबल में समझा जा सकता है।
| विशेषता | पुराना सिस्टम | नया रिफॉर्म 3.0 |
| निर्णय प्रक्रिया | केवल विभाग और प्रधानाचार्य | जनता, अभिभावक और विशेषज्ञ शामिल होंगे |
| डिजिटल एक्सेस | सीमित ई-लर्निंग | हर क्लासरूम होगा 'स्मार्ट' और हाई-टेक |
| फंड का ऑडिट | विभागीय स्तर पर | सोशल ऑडिट |
| कौशल विकास | किताबी ज्ञान तक सीमित | छठी कक्षा से ही 'वोकेशनल ट्रेनिंग' पर जोर |
Samagra Shiksha 3.0 कब से होगा लागू?
समग्र शिक्षा अभियान 3.0 में इन सुधारों का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है। 1 अप्रैल 2026 से दिल्ली के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में इसे अनिवार्य रूप से लागू कर दिया जाएगा।
“हमें स्कूलों को समाज को लौटाना होगा”
— Dharmendra Pradhan (@dpradhanbjp) January 9, 2026
'राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020' के क्रियान्वयन के पाँच वर्षों के उपरांत, वर्ष 2026-27 में हम 'समग्र शिक्षा' के एक नए प्रारूप की ओर बढ़ रहे हैं। आज हमारे सामने 'विकसित भारत' के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था और मानव बल तैयार करना सबसे बड़ी चुनौती है।… pic.twitter.com/IMby81to2S
11 राज्यों ने भाग लिया
बैठक में दिल्ली, गुजरात, उत्तर प्रदेश,जम्मू-कश्मीर, असम, पंजाब, त्रिपुरा, तमिलनाडु, ओडिशा, तेलंगाना व महाराष्ट्र के मुख्य व शिक्षा सचिव व शिक्षा विभागों के अधिकारी शामिल हुए।
रिफॉर्म्स के मुख्य स्तंभ
1. सोशल ऑडिट
अब स्कूलों को मिलने वाले बजट और उसके खर्च का हिसाब जनता के सामने रखा जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और स्कूल की जरूरतों (जैसे डेस्क, पानी, शौचालय) पर पैसा सही ढंग से खर्च होगा।
2. कम्युनिटी वॉलंटियर्स
रिटायर्ड शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर या समाज के जागरूक लोग अब स्कूल में अपना योगदान दे सकेंगे। वे न केवल बच्चों को गाइड करेंगे, बल्कि स्कूल के प्रशासन में भी सलाह देंगे।
3. रियल-टाइम मॉनिटरिंग
तकनीक का इस्तेमाल कर स्कूल की अटेंडेंस और मिड-डे मील की गुणवत्ता को एक डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए ट्रैक किया जाएगा, जिसे अभिभावक भी देख सकेंगे।

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