भारत का भूगोल उठाकर देखें, तो हमें उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान देश देखने को मिलता है। पाकिस्तान के साथ सबसे लंबी सीमा राजस्थान राज्य की लगती है। यहां मौजूद जैसलमेर जिला पाकिस्तान के साथ सबसे लंबी सीमा साझा करता है।
यह जिला 1971 के भारत-पाक युद्ध के लिए भी जाना जाता है। हालांकि, यहां सवाल है कि आखिर यह जिला कितनी लंबी सीमा साझा करता है और राजस्थान के इसके अलावा और कौन-से जिले हैं, जो कि पाकिस्तान के साथ अपनी सीमा साझा करते हैं। क्या है इसका जवाब, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
राजस्थान और पाकिस्तान की कुल सीमा
सबसे पहले हम राजस्थान और पाकिस्तान की कुल सीमा के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि पाकिस्तान के साथ सबसे लंबी सीमा साझा करने वाला राज्य राजस्थान है। यह पाकिस्तान के साथ कुल 1037 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है।
साथ ही, राजस्थान सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करने वाला दूसरा राज्य है। पहले स्थान पर पश्चिम बंगाल आता है।
कितनी लंबी है जैसलमेर-पाकिस्तान की सीमा
जैसलमेर पाकिस्तान के साथ कुल 464 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है। इस रेखा को हम रेडक्लिफ रेखा के नाम से जानते हैं। क्योंकि, इस रेखा को एक ब्रिटिश वकील सिरिल रेडक्लिफ द्वारा बनाया गया था, जिन्होंने बंटवारे में अहम भूमिका निभाई थी।
पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करने वाले राजस्थान के जिले
राजस्थान के जैसलमेर के अलावा अन्य जिले भी है, जो कि पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करते हैं, वे जिले इस प्रकार हैंः
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बाड़मेर-228 किलोमीटर
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श्रीगंगानगर-210 किलोमीटर
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बीकानेर-168 किलोमीटर
इसके अतिरिक्त, कुछ समय पहले अनूपगढ़ और फलौदी जिले भी बने हैं, जो कि पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करते हैं।
राजस्थान-पाकिस्तान की सीमा से जुड़े तथ्य
- जैसलमेर जिला राजस्थान का सबसे बड़ा जिला है, जो कि 38,401 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस जिले का अधिकांश हिस्सा थार रेगिस्तान में आता है।
- जैसलमेर जिले में ही भारत-पाक का 1971 का युद्ध हुआ था। आज भी उस युद्ध क्षेत्र को संरक्षित कर रखा गया है। इसे हम लोंगेवाला पोस्ट के नाम से भी जानते हैं। जिले में तनोट माता मंदिर सबसे प्रमुख स्थान है।
- राजस्थान-पाकिस्तान सीमा के सुरक्षा की जानकारी सीमा सुरक्षा बल(BSF) के पास है। हालांकि, समय-समय पर यहां भारतीय थल सेना के जवान भी पहुंचते हैं।
- इस सीमा पर सुरक्षा के लिए एक बड़ी-बड़ी फ्लड लाइट्स भी लगी हुई हैं। इनकी रोशनी इतनी तेज है कि इन्हें अंतरिक्ष से भी देखा जा सकता है।
जैसलमेर को कहा जाता है स्वर्ण नगरी
आपको बता दें कि जैसलमेर को स्वर्ण नगरी के रूप में भी जाना जाता है। यह एकमात्र ऐसा किला है, जहां आज भी लोग किले के अंदर रह रहे हैं। सोनार किले के अंदर घर, दुकानें और बाजार है।
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