‘Toilet Man of India’ नाम से जाने जाते हैं यह व्यक्ति, 'स्वच्छ भारत अभियान' में रही है अहम भूमिका

Last Updated: Aug 25, 2026, 12:35 IST

भारत में एक व्यक्ति ऐसे भी हैं, जो कि ‘टॉयलेट मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाने जाते हैं। वह सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक भी हैं।

डॉ. पाठक
डॉ. पाठक

भारत में आपने अलग-अलग फील्ड के अलग-अलग व्यक्तियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। इनमें एक व्यक्ति ऐसे भी रहे हैं, जो कि टॉयलेट के क्षेत्र में अपनी प्रमुख पहचान रखते हैं। उन्होंने इस क्षेत्र में कई बड़े काम किये हैं, जिससे भारत में उनकी पहचान ‘Toilet man of India’ के तौर पर होती है। वह एक समाज सुधारक के साथ-साथ सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक भी हैं। इस लेख में हम उनके बारे में विस्तार से जानेंगे।

किसे कहा जाता है ‘Toilet man of India’

सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि किस व्यक्ति को ‘Toilet man of India’ के नाम से जाना जाता है। आपको बता दें कि यह पहचान डॉ. बिदेंश्वर पाठक को मिली हुई है। उन्होंने अपना पूरा जीवन भारत में स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सिर पर मैला ढोने की कुप्रथा के लिए समर्पित कर दिया था।

डॉ. पाठक का मुख्य योगदान 

डॉ. बिदेश्वर पाठक ने 1970 में 'सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस ऑर्गेनाइजेशन' की स्थापना की थी। इसका मुख्य उद्देश्य देश में सस्ती, टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करना था। उन्होंने 'टू-पिट फ्लश कम्पोस्ट टॉयलेट' तकनीक विकसित की। यह बेहद कम पानी, केवल 1.5-2 लीटर में काम करती है और इंसानों के वेस्ट को बिना किसी गंध के खाद में बदल देती है।

मैला ढोने की प्रथा का हुआ अंत 

डॉ. पाठक द्वारा विकसित की गई तकनीक की मदद से हाथ से मल उठाने वाले श्रमिकों को इस काम से मुक्ति मिली और वह सामाज में पहले की तरह जीने लगे।

डॉ. पाठक की प्रमुख उपलब्धियां

-आज हम जो भारत के विभिन्न बस स्टैंड, रेलवे स्टेशनों और पब्लिक प्लेस में सुलभ कांप्लेक्स देखते हैं, वह डॉ. पाठक की ही देन हैं।

-डॉ. पाठक द्वारा विश्व स्तर पर स्वच्छता के महत्त्व को बताने के लिए 19 नवंबर को विश्व शौचालय दिवस मनाने की मुहिम में अहम भूमिका निभाई गई थी।

-डॉ. पाठक द्वारा सुलभ शौचालयों से निकलने वाले मानव वेस्ट से बायोगैस और बिजली बनाने की तकनीक भी उन्होंने ही बनाई थी। साल 2023 में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था।

टॉयलेट मैन को मिले हैं ये पुरस्कार

डॉ. बिदेश्वर पाठक को देश-विदेश में कई प्रतिष्ठित सम्मान दिए गए हैं:

-2024 में पद्म विभूषण पुरस्कार

-1991 में पद्म विभूषण

-2009 में स्टॉकहोम वॉटर प्राइज

स्वच्छ भारत अभियान में रही अहम भूमिका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2014 में शुरू किए गए 'स्वच्छ भारत मिशन' की वैचारिक और तकनीकी नींव में डॉ. पाठक के मॉडल की अहम भूमिका रही है। उन्होंने नई दिल्ली में 'सुलभ इंटरनेशनल म्यूजियम ऑफ टॉयलेट्स' की स्थापना भी की है, जो दुनिया भर में स्वच्छता के इतिहास को दर्शाता है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Aug 25, 2026, 12:32 IST

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