Aadhaar KYC होगा और आसान, अब ऐप स्विच की जरूरत नहीं; UIDAI ने दी यह नई सुविधा
UIDAI ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए नया SDK लॉन्च किया है, जिसके जरिए बैंक, बीमा कंपनियां, फिनटेक और दूसरी संस्थाएं अपने मोबाइल ऐप के अंदर ही फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा दे सकेंगी।
आधार (Aadhaar) से जुड़ी KYC या किसी डिजिटल सेवा का इस्तेमाल करते समय अगर आपको फेस ऑथेंटिकेशन के लिए एक ऐप से दूसरे ऐप पर जाना पड़ता है, तो अब यह काम और भी आसान होने वाला है। UIDAI ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar Face Authentication) के लिए नया SDK लॉन्च किया है, जिसके जरिए बैंक, बीमा कंपनियां, फिनटेक और दूसरी संस्थाएं अपने मोबाइल ऐप के अंदर ही फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा दे सकेंगी। यानी जिस ऐप पर आप KYC कर रहे हैं, वहीं आपका face verification भी पूरा हो जाएगा। यह कैसे काम करेगा एसके बारें में विस्तार से समझते है।
अब बार-बार ऐप बदलने का झंझट नहीं
अभी तक आधार फेस ऑथेंटिकेशन के लिए FaceRD ऐप की जरूरत पड़ती थी। यह ऐप बैकग्राउंड में काम करता था, लेकिन यूजर के लिए प्रक्रिया थोड़ी लंबी हो जाती थी।
नए SDK के बाद बैंक या fintech ऐप अपने अंदर ही इस सुविधा को जोड़ सकेंगे। इसका मतलब है कि ग्राहक को KYC के दौरान अलग ऐप खोलने या बार-बार ऐप बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह सुविधा Android और iOS दोनों के लिए उपलब्ध होगी।
सिर्फ चेहरा पहचानना नहीं, सुरक्षा भी मजबूत
UIDAI का नया SDK AI और मशीन लर्निंग तकनीक का इस्तेमाल करता है। इसमें लाइवनेस डिटेक्शन और एंटी-स्पूफिंग जैसे सुरक्षा उपकरण शामिल हैं। ऑथेंटिकेशन डाटा की सुरक्षित हैंडलिंग और encryption की सुविधा भी SDK में शामिल है।
UIDAI के चेयरमैन ने साइबर सुरक्षा पर क्या कहा?
UIDAI के चेयरमैन नीलकंठ मिश्रा के मुताबिक, नए मॉडल में भागीदार बैंकों और व्यवसायों के प्रमाणीकरण प्रक्रिया को अपने सर्वर पर आसान बना दिया गया है।
उन्होंने यह भी बताया कि आधार एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर है और यूआईडीएआई को हर दिन बड़ी संख्या में साइबर हमलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में प्रमाणीकरण प्रक्रिया में भागीदार के अपने बुनियादी ढांचे पर सुरक्षित तरीके से चयन का विकल्प अहम हो सकता है।
रोज करीब 10 करोड़ आधार ऑथेंटिकेशन
आधार ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। कुछ साल पहले जहां रोज करीब 7 करोड़ ट्रांजैक्शन (Transaction) होते थे, वहीं अब यह आंकड़ा लगभग 10 करोड़ प्रतिदिन पहुंच गया है। UIDAI अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को भविष्य में रोजाना 25 से 30 करोड़ ऑथेंटिकेशन संभालने के लिए तैयार कर रहा है।
UIDAI के अनुसार, 600 से ज्यादा entities उसके ऑथेंटिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही हैं और आधार ऐप के downloads करीब 6 करोड़ तक पहुंच चुके हैं।
बैंक और fintech कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा
नए SDK का बड़ा फायदा बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (BFSI) सेक्टर को मिलने की उम्मीद है बैंक, एनबीएफसी, बीमा व्यापारी, फिनटेक और ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म अपने नए ऐप में ही कस्टमर ऑनबोर्डिंग और पहचान सत्यापन पूरा कर लें।
टेस्टिंग के लिए संडबॉक्स भी लॉन्च
SDK के साथ UIDAI ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन सैंडबॉक्स भी लॉन्च किया है। यह एक तरह का टेस्टिंग एनवायरनमेंट के लिए उपयुक्त होगा। आम लोगों के लिए किसी भी सुविधा को पहले डेवलपर्स और गुणवत्ता आश्वासन टीमों से शुरू करना यहां पूरी प्रमाणीकरण प्रक्रिया को लागू करना है।
आम यूजर के लिए क्या बदलेगा?
आसान शब्दों में कहें तो Aadhaar-based KYC का अनुभव अब तेज और कम झंझट वाला हो सकता है। पहले जहां फेस ऑथेंटिकेशन के लिए अलग FaceRD ऐप की जरूरत पड़ती थी, वहीं नए SDK के जरिए बैंक या fintech ऐप में ही पूरा process किया जा सकेगा।
Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.