आपने एशिया में अलग-अलग मंडियों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। इन सभी मंडियों के बीच एक फूलों की मंडी भी है। एशिया की सबसे बड़ी फूल मंडी कहीं और नहीं, बल्कि भारत के दिल्ली शहर में मौजूद है। यह मंडी गाजीपुर फूल मंडी है, जिसे एशिया की सबसे बड़ी फूल मंडी के रूप में जाना जाता है। यह फूलों के कारोबार के लिए एक वैश्विक केंद्र के रूप में जानी जाती है।
गाजीपुर मंडी का महत्त्व
गाजीपुर मंडी दिल्ली और यूपी बॉर्डर पर स्थित है, जो कि पूरे एशिया की सबसे बड़ी थोक फूल मंडी है। आपको बता दें कि यहां से न सिर्फ भारत, बल्कि विदेशों में भी फूलों की सप्लाई की जाती है।
-गाजीपुर से प्रतिदिन करोड़ों रुपये का कारोबार होता है। सीजन में यह आंकड़ा और बढ़ जाता है।
-गाजीपुर मंडी अलसुबह 3 खुल जाती है और सुबह 9 बजे तक यहा व्यापार भी समाप्त हो जाता है।
कहां-कहां से आते हैं फूल
गाजीपुर फूल मंडी में सिर्फ भारत से नहीं बल्कि, विदेशों से भी फूल मंंगवाए जाते हैं। यहां बंगलुरु, कोलकाता और हिमाचल के अलावा थाईलैंड, केन्या, चीन और हॉलैंड से फूलों को आयात किया जाता है।
मंडी में मिलती है फूलों की ये प्रमुख किस्में
गाजीपुर मंडी में दुनिया भर के फूलों की हजारों किस्में मिलती हैं, जो कि इस प्रकार हैंः
-
स्थानीय फूल: गेंदा, गुलाब, चमेली और रजनीगंधा।
-
विदेशी फूल: लिली, ऑर्किड, एंथुरियम, कार्नेशन और डच गुलाब।
-
सजावटी पत्तियां: फूलों की सजावट में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न प्रकार की हरी पत्तियां और डेकोरेटिव प्लांट्स।
कैसे काम करती है मंडी
गाजीपुर मंडी में अलसुबह से ही ट्रक फूल लेकर पहुंचना शुरू कर देते हैं। ऐसे में यहां पहले से ही मंदिरों के ट्रस्ट, इवेंट प्लानर्स, दुकानदार और अन्य खरीददार होते हैं। वहीं, जिन फूलों को दूसरे राज्यों में भेजना होता है, उनके लिए हवाई जहाज और Refrigerated Vans की व्यवस्था होती है।
भारत की अन्य प्रमुख फूल मंडियां
आपको बता दें कि गाजीपुर मंडी के अलावा भारत में कई फूल मंडियां प्रसिद्ध हैं। इनमें बंगलुरू की के.आर मार्केट और कोलकाता की मुल्लिक घाट का नाम आता है। मुल्लिक घाट अपने 100 साल पुराने इतिहास के लिए जाना जाता है।