वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। इसके बाद देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंत नागेश्वरन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर और विस्तार से इस पर प्रकाश डाला. केंद्रीय बजट 2026 से पहले जारी किया गया यह आर्थिक सर्वे सरकार की आर्थिक दिशा और प्राथमिकताओं का संकेत देता है। वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आर्थिक कार्य विभाग द्वारा तैयार यह दस्तावेज देश की अर्थव्यवस्था पर केंद्र सरकार के आकलन की एक व्यापक झलक प्रस्तुत करता है।
भारत के उद्योग में मजबूत ग्रोथ की वापसी
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 (Economic Survey 2026) के अनुसार, FY26 की पहली छमाही में भारत का Industry GVA 7% की दर से बढ़ा है, जो पिछले वर्ष के 5.9% से तेज है। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने शानदार प्रदर्शन किया, जहां Q1 में 7.72% और Q2 में 9.13% की वृद्धि दर्ज की गई। यह बढ़त उद्योगों में संरचनात्मक बदलाव, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक के अधिक इस्तेमाल से संभव हुई है।
आर्थिक सर्वेक्षण ने अब भारत की संभावित विकास दर को 7% आंका है, जो तीन वर्ष पहले 6.5% थी। अल्पकालिक वैश्विक जोखिमों के बावजूद 2026–27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) January 29, 2026
कोविड के बाद मजबूत प्रदर्शन, विनिर्माण क्षेत्र की गति, निर्यात में… pic.twitter.com/YYhmwyru4q
हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग की ओर भारत का झुकाव
अब भारत के कुल मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू एडेड में 46.3% योगदान मीडियम और हाई-टेक उद्योगों का है। PLI स्कीम, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन और इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, केमिकल व ट्रांसपोर्ट सेक्टर की मजबूती ने इसे बढ़ावा दिया है। इसी कारण भारत की Competitive Industrial Performance रैंकिंग 40 से सुधरकर 37 हो गई है।
बैंक से हटकर वैकल्पिक फंडिंग का विस्तार
हालांकि FY25 में बैंकों से मिलने वाले औद्योगिक कर्ज की ग्रोथ घटकर 8.24% रही, लेकिन उद्योगों को मिलने वाला कुल फंड बढ़ा है। नॉन-बैंक सोर्स से वित्तीय प्रवाह FY20–FY25 के दौरान 17.32% CAGR से बढ़ा। इसका मतलब है कि कंपनियां अब बॉन्ड, NBFC और अन्य माध्यमों से पूंजी जुटा रही हैं, जिससे निवेश का दायरा व्यापक हुआ है।
कोर इंडस्ट्री की मजबूत नींव
स्टील और सीमेंट में भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक बना हुआ है। सीमेंट की मांग इंफ्रास्ट्रक्चर, हाईवे, रेलवे और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स से बढ़ रही है। कोयला उद्योग ने FY25 में 1,047.52 मिलियन टन उत्पादन कर ऐतिहासिक स्तर छू लिया। साथ ही केमिकल सेक्टर मैन्युफैक्चरिंग GVA में 8.1% योगदान दे रहा है, जिससे औद्योगिक आधार मजबूत हुआ है।
ऑटो, EV और इलेक्ट्रॉनिक्स बने ग्रोथ इंजन
ऑटोमोबाइल उत्पादन FY15–FY25 के दौरान करीब 33% बढ़ा है। सरकार की EV नीति, PLI-Auto, ACC बैटरी स्कीम और PM e-Bus जैसी योजनाओं से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तेज हुई है। वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर FY22 में 7वें स्थान से FY25 में तीसरा सबसे बड़ा निर्यात क्षेत्र बन गया। मोबाइल निर्माण ₹18,000 करोड़ से बढ़कर ₹5.45 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
Economic Survey 2025-26: 7 Key Highlights
| क्रम | सेक्टर / क्षेत्र | मुख्य हाइलाइट |
| 1 | इंडस्ट्री GVA ग्रोथ | FY26 की पहली छमाही में Industry GVA 7% बढ़ा, जो FY25 के 5.9% से तेज है। |
| 2 | मैन्युफैक्चरिंग प्रदर्शन | मैन्युफैक्चरिंग GVA में Q1: 7.72% और Q2: 9.13% की मजबूत वृद्धि दर्ज हुई। |
| 3 | हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग | मीडियम व हाई-टेक गतिविधियां कुल मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू एडेड का 46.3% हिस्सा हैं। |
| 4 | फाइनेंसिंग ट्रेंड | नॉन-बैंक स्रोतों से फाइनेंशियल फ्लो FY20–FY25 में 17.32% CAGR से बढ़ा। |
| 5 | कोर इंडस्ट्री | भारत स्टील और सीमेंट का दूसरा सबसे बड़ा वैश्विक उत्पादक बना हुआ है। |
| 6 | कोयला उत्पादन | FY25 में कोयला उत्पादन 1,047.52 मिलियन टन, जो ऐतिहासिक स्तर है। |
| 7 | इलेक्ट्रॉनिक्स बूम | इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात FY22 में 7वें से FY25 में तीसरे स्थान पर पहुंचा। |
फार्मा सेक्टर और भविष्य की औद्योगिक रणनीति
भारत फार्मा उत्पादन में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है और वैश्विक जेनेरिक दवाओं की लगभग 20% मांग पूरी करता है। FY25 में इसका टर्नओवर ₹4.72 लाख करोड़ रहा। आगे की रणनीति में भारत को सिर्फ आत्मनिर्भरता नहीं बल्कि स्केल, इनोवेशन, R&D, स्किल और ग्लोबल वैल्यू चेन से जुड़ाव पर ध्यान देना होगा ताकि अगला औद्योगिक छलांग संभव हो सके।
सड़कें, आवास, स्वच्छ पेयजल कनेक्शन और डिजिटल संपर्क सहित ग्रामीण आधारभूत ढांचे में जबर्दस्त प्रगति
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) January 29, 2026
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