छत्तीसगढ़ ने ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) सिस्टम के क्रियान्वयन में देश के बड़े राज्यों में अग्रणी स्थान हासिल किया है। 7 जनवरी तक राज्य में 50,60,941 छात्रों की APAAR ID बनाई जा चुकी है, जो 57,10,207 कुल छात्रों के मुकाबले 88.63 प्रतिशत कवरेज को दर्शाता है। यह उपलब्धि राज्य की डिजिटल शिक्षा इन्फ्रास्ट्रक्चर की दिशा में बड़ी छलांग मानी जा रही है।
APAAR ID क्या है और क्यों है महत्वपूर्ण
APAAR ID छात्रों को दी जाने वाली एक स्थायी डिजिटल शैक्षणिक पहचान है, जिसमें उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां, प्रमाणपत्र और क्रेडिट सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में स्टोर रहती हैं। इसके माध्यम से छात्रों को स्कूल, बोर्ड या राज्य बदलने पर भी शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखने में आसानी होती है।
𝐀𝐏𝐀𝐀𝐑 𝐈𝐃: 𝐒𝐚𝐟𝐞, 𝐒𝐞𝐜𝐮𝐫𝐞 & 𝐒𝐭𝐮𝐝𝐞𝐧𝐭-𝐂𝐞𝐧𝐭𝐫𝐢𝐜
— NCERT (@ncert) January 13, 2026
APAAR (One Nation, One Student ID) is designed to support a student’s academic journey-nothing more, nothing less.
-It securely stores academic progress, exam results, and verified educational records
-It… pic.twitter.com/Ewgl1u21N1
राज्य का यह जिला रहा टॉप पर:
जिला स्तर पर बेमेतरा ने 96.40 प्रतिशत कवरेज के साथ सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि राजनांदगांव 96.38 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग और बलौदाबाजार जैसे जिलों में 93 प्रतिशत से अधिक छात्रों की APAAR ID बन चुकी है। नारायणपुर, बीजापुर, सुकमा, बलरामपुर और दंतेवाड़ा को छोड़कर अन्य सभी जिलों में 80 प्रतिशत से अधिक कवरेज हासिल कर ली गई है।
APAAR ID - छत्तीसगढ़ हाई लाइट्स
| स्कूलों की कुल संख्या | 57,045 |
| कुल छात्रों की संख्या | 57,10,207 |
| जारी की गई APAAR ID | 50,60,941 |
| कुल कवरेज | 88.63% |
| सबसे अधिक कवरेज वाला जिला | बेमेतरा - 96.40% |
| 93% से अधिक कवरेज वाले जिले | रायगढ़, कोरिया, रायपुर, कोरबा, धमतरी, दुर्ग, बलौदाबाजार |
राज्य सरकार की प्राथमिकता और प्रयास
राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार शिक्षक और संबंधित अधिकारी इस कार्य को प्राथमिकता पर पूरा कर रहे हैं, ताकि कोई भी छात्र केंद्र सरकार की इस पहल से वंचित न रह जाए। शेष छात्रों के लिए APAAR ID बनाने की प्रक्रिया सभी जिलों में लगातार प्रगति पर है।
31 जनवरी की समय-सीमा और भविष्य की दिशा
केंद्र सरकार ने सभी छात्रों की APAAR ID 31 जनवरी तक बनाने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इस लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए राज्य सरकार समन्वित और समयबद्ध प्रयास कर रही है। APAAR ID प्रणाली से शिक्षा क्षेत्र में शासन व्यवस्था मजबूत होगी और यह भारत की व्यापक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर व शिक्षा सुधारों की दिशा में एक अहम कदम साबित होगी।
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