मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) से जुड़ी लाखों महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। योजना की 36वीं किस्त 13 मई 2026 मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा जारी की जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी साझा की है। इस दिन मुख्यमंत्री महिलाओं के बैंक अकाउंट में निर्धारित राशि ट्रांसफर करेंगे। 35वीं किस्त के बारें में अधिक विस्तार से समझने के लिए चलिए लेख में आगे बढ़ते है।
हर महीने मिलते है कितने रुपये
लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार का मकसद महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना है। अब तक योजना की 35 किस्तें जारी हो चुकी हैं और लाखों महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं।
नरसिंहपुर में होगा विशेष कार्यक्रम
13 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इसी कार्यक्रम के दौरान ऑनलाइन माध्यम से प्रदेश की पात्र लाड़ली बहनों के अकाउंट में 36वीं किस्त की राशि भेजी जाएगी।
आपके खाते में पैसे आएंगे या नहीं!
योजना से जुड़ा कोई भी लाभार्थी यदि यह जानना चाहें कि अगली किस्त उसके खाते में आएगी या नहीं, तो उसे लाभार्थी लिस्ट में अपना नाम जरूर चेक करना चाहिए। जिन महिलाओं का नाम लिस्ट में रहेगा, उनके खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाएगी। वहीं, लिस्ट से नाम हटने पर किस्त रुक सकती है।
पैसा खातें में आया कि नहीं ऐसे करें चेक
इसके लिए सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर विजिट करना होगा, और नीचे बताये गए स्टेप को फॉलो करना होगा।
स्टेप 1 सबसे पहले योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।
स्टेप 2 होम पेज पर मोबाइल नंबर और OTP की मदद से लॉगिन करें।
स्टेप 3 लॉगिन के बाद “फाइनल लिस्ट” वाले ऑप्शन पर क्लिक करें।
स्टेप 4 अब अपना मोबाइल नंबर, कैप्चा कोड और OTP दर्ज करके सबमिट करें।
स्टेप 5 इसके बाद अपना जिला, ग्राम पंचायत या वार्ड चुनें। स्क्रीन पर लाभार्थी सूची खुल जाएगी, जहां आप अपना नाम चेक कर सकते हैं।
क्यों शुरू की गयी लाड़ली बहना योजना
लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसके तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और परिवार में उनकी भागीदारी को मजबूत करना है।