उत्तर प्रदेश को विविधताओं का राज्य कहा जाता है। राज्य में देश का पहला Glass Museum यानि कि कांच का संग्रहालय बनकर तैयार होने वाला है। इसका करीब 70 फीसदी काम पूरा हो गया है। यह अपने आप में एक अनूठा संग्रहालय होगा, जहां कांच से बने उत्पादों को म्यूजियम में रखा जाएगा।
साथ ही, यहां आने वाले पर्यटक प्रदेश में कांच के इतिहास के बारे में जानने के साथ कांच के इस अनूठे संसार से रूबरू हो सकेंगे। क्या है Glass Museum और किस जिले में बनकर हो रहा है तैयार, इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए यह पूरा लेख पढ़ें।
उत्तर प्रदेश में कुल जिले
सबसे पहले हम उत्तर प्रदेश में कुल जिलों के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पूरे देश में सबसे अधिक जिले वाला राज्य है। यहां कुल 75 जिले हैं, जो कि 18 मंडलों में आते हैं।
ये सभी मंडल कुल चार संभागों का हिस्सा हैं, जिनमें पूर्वांचल, पश्चिमांचल, मध्यांचल और बुंदेलखंड शामिल है। कुछ लेखों में हमें रोहिलखंड और बघेलखंड का भी जिक्र मिलता है। प्रदेश में कुल 75 नगर पंचायत, 17 नगर निगम और 28 विकास प्राधिकरण मौजूद हैं।
उत्तर प्रदेश में यहां बन रहा है पहला Glass Museum
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में पहला Glass Museum फिरोजाबाद जिले में बनाया जा रहा है। फिरोजबाद शहर के डबरई में संग्राहलय को 25,700 वर्ग मीटर में 47 करोड़ की लागत से बनाया जा रहा है।
फिरोजाबाद में ही क्यों बन रहा Glass Museum
फिरोजाबाद शहर को ‘कांच का शहर’ भी कहा जाता है। यहां मुगल काल से भी पहले से चूड़ियों का निर्माण होता आ रहा है। इसके अतिरिक्त, शहर में कांच से बने अन्य उत्पादों का भी निर्माण किया जाता है, जिनकी विदेशों तक मांग रहती है।
यही वजह है कि फिरोजाबाद शहर कांच के मामले में पूरे दुनिया में अपनी खास पहचान रखता है। वहीं, दूसरी तरफ फिरोजाबाद शहर आगरा से कुछ घंटों की दूरी पर स्थित है। ऐसे में सरकार का उद्देश्य है कि आगरा आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक फिरोजाबाद शहर भी पहुंचें और यहां कांच की विरासत को करीब से जानें।
Glass Museum में क्या रहेगा खास
कांच के संग्रहालय में उत्तर प्रदेश में कांच के इतिहास को दिखाया जाएगा। इसमें प्राचीन काल से आधुनिक काल का इतिहास होगा। साथ ही, म्यूजियम में पर्यटक कांच से निर्मित होने वाली वस्तुओं का लाइव डेमो भी देख सकेंगे।
इसके अलावा पर्यटकों को कांच से बनी एक प्रदर्शनी भी देखने को मिलेगी, जो कि यहां के कारीगरों की कुशलता का परिचय देगी। पर्यटक यहां से कांच के बने उत्पादों को भी खरीद सकेंगे।
क्या है फिरोजाबाद का इतिहास
फिरोजाबाद को पहले चंद्रवार कहा जाता था। यह नाम यहां के राजा रहे चंद्रसेन के नाम पर रखा गया था। हालांकि, बाद में 12वीं शताब्दी में यहां मोहम्मद गौरी ने आक्रमण किया और लूटपाट की।
वहीं, अकबर के शासनकाल में मनसबदार रहे फिरोज शाह को इस परगना की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उनके नाम पर ही इस जिले का नाम बदलकर फिरोजाबाद कर दिया गया था। आपको बता दें कि मुगल काल में जिले को परगना कहा जाता था, जबकि राज्य को सूबा कहा जाता था।
Comments
All Comments (0)
Join the conversation