8th Pay Commission: कैसे ₹18,000 वाला बेसिक पे बढ़कर हो सकता है ₹72000, समझें पूरी गणित
8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के तहत यदि सरकार 4.00 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है। ऐसे में मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे 18000 रुपये को 4 से गुणा किया जाएगा। फिलहाल 8वें वेतन आयोग ने कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है।
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा एक ही सवाल का है कि नई सैलरी कितनी बढ़ेगी? खासकर 18000 रुपये की न्यूनतम बेसिक पे को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं। इनमें 72000 रुपये का आंकड़ा भी खूब चर्चा में है। चलिए इसके बारे में विस्तार से समझते हैं।
लेकिन क्या वाकई 18000 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर 72000 रुपये हो जाएगी? इसका जवाब अभी पक्का नहीं है। दरअसल, 72000 रुपये का आंकड़ा 4.00 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर निकाला गया है। फिलहाल 8वें वेतन आयोग ने कोई अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है।
4.00 फिटमेंट फैक्टर लगा तो ऐसे बढ़ेगी सैलरी
इसे एक आसान उदाहरण से इस ऐंगल को समझते हैं-
मान लीजिए सरकार 4.00 का फिटमेंट फैक्टर लागू करती है। ऐसे में मौजूदा न्यूनतम बेसिक पे 18000 रुपये को 4 से गुणा किया जाएगा।
Rs 18000 × 4.00 = 72000 रुपये
यानी इस स्थिति में 18000 रुपये की बेसिक पे बढ़कर 72000 रुपये हो जाएगी।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी की पूरी मासिक सैलरी सिर्फ 72000 रुपये होगी। यह संशोधित बेसिक पे होगी। HRA, TA और दूसरे भत्ते अलग से लागू नियमों के अनुसार तय किए जाएंगे।
3.61 फिटमेंट फैक्टर हुआ तो कितनी होगी बेसिक सैलरी?
4.00 ही एकमात्र प्रस्ताव नहीं है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की ओर से अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है। कुछ प्रस्तावों में 3.61 से 4.00 तक के फिटमेंट फैक्टर की बात सामने आई है।
उदाहरण के लिए 3.61 का फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर:
Rs. 18000 × 3.61 = 64980 रुपये
वहीं 4.00 पर यही बेसिक पे:
18000 × 4.00 = 72,000 रुपये
यानी मौजूदा मांगों के हिसाब से न्यूनतम बेसिक पे करीब 65 हजार रुपये से 72 हजार रुपये के बीच पहुंचने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
फिटमेंट फैक्टर इतना जरूरी क्यों है?
फिटमेंट फैक्टर को आसान भाषा में समझें तो यह वह संख्या है, जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को नए सैलरी स्ट्रक्चर में बदला जाता है। इसमें महंगाई और मौजूदा वेतन ढांचे जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है।
यही वजह है कि कर्मचारी संगठन ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग करते हैं, क्योंकि फैक्टर बढ़ने पर संशोधित बेसिक पे भी बढ़ती है।
6वें और 7वें वेतन आयोग में क्या था फिटमेंट फैक्टर?
पिछले वेतन आयोगों में भी फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल हुआ था।
-6वां वेतन आयोग: 1.86
-7वां वेतन आयोग: 2.57
-8वां वेतन आयोग: अभी फैसला बाकी
अब कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि 8वें वेतन आयोग में सरकार और आयोग किस फिटमेंट फैक्टर पर सहमत होते हैं।
क्या 72000 रुपये की बेसिक पे फाइनल हो चुकी है?
बिल्कुल नहीं। यह बात सबसे महत्वपूर्ण है। 72000 रुपये का आंकड़ा फिलहाल 4.00 फिटमेंट फैक्टर के आधार पर एक संभावित गणना है। इसे सरकार की अंतिम घोषणा समझना सही नहीं होगा।
8वां वेतन आयोग फिलहाल कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा।
सितंबर-अक्टूबर में कहां होंगी 8वें वेतन आयोग की बैठकें?
आयोग की परामर्श प्रक्रिया अलग-अलग शहरों में जारी है। तय कार्यक्रम के मुताबिक नीचे बताए गए शहरों में प्रस्तावित है।
-9 सितंबर: पुडुचेरी
-16 से 18 सितंबर: चंडीगढ़
-7 और 8 अक्टूबर: बेंगलुरु
2027 में मिल सकती है बड़ी तस्वीर
8वें वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही यह साफ होगा कि फिटमेंट फैक्टर कितना रखा जाता है और कर्मचारियों की बेसिक पे में वास्तव में कितनी बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट मई-जून 2027 के आसपास आने की उम्मीद बताई जा रही है। इसके बाद अंतिम फैसला केंद्र सरकार के हाथ में होगा।
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