8वीं में खोई आंखों की रोशनी, फिर मां के साथ मिलकर कैसे क्रैक किया UPSC? जानिए IAS मनु गर्ग की कहानी
यह कहानी है, एक ऐसे इंसान की, जिसने 8वीं क्लास में आंखों की रोशनी खो दी। पर सपने उस इंसान की आंखों में अभी भी पल रहे थे। एक दिन ऐसा भी आया, जब उस इंसान की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 91वीं रैंक आयी और वह IAS बन गया, जिसने यह साबित कर दिया कि अगर आपके इरादों में सूरज सा उजाला हो, तो कोई भी अंधेरा आपकी कामयाबी का रास्ता नहीं रोक सकता। जी हम बात कर रहे हैं राजस्थान के रहने वाले मनु गर्ग की।
मनु गर्ग एक ऐसा नाम है, जिसने यह सिखाया है कि शारीरिक अक्षमता आपकी सफलता में रोड़ा नहीं बन सकती। बस मन में लगन और जीत का हौसला होना चाहिए। मनु जब 8वीं कक्षा में थे, तब वह ‘रेटिनाइटिस पिगमेंटोसा मैकुलर डीजनरेशन’ नामक दुर्लभ बीमारी के शिकार हो गए थे, जिससे उनकी दृष्टि धीरे-धीरे धुंधली होने लगी और बाद में उनकी आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई।
आंखों की रोशनी जाने के बाद मनु की मां ही उनका सबसे बड़ा सहारा बनीं; उन्होंने न केवल मनु का मनोबल बढ़ाया, बल्कि उनकी पढ़ाई का पूरा जिम्मा भी अपने कंधों पर उठा लिया। इसी के बूते UPSC सिविल सेवा परीक्षा में मनु ने 91वीं रैंक हासिल कर IAS बनने के अपने सपने को पूरा किया। आइए उनकी सफलता की कहानी के बारे में जानें।
12वीं कक्षा में प्राप्त किए 100 में से 100 अंक
मनु गर्ग राजस्थान के जयपुर के रहने वाले हैं। वह एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं। मनु ने अपनी स्कूली पढ़ाई पास के ही निजी स्कूल से पूरी की। 12वीं के बाद उन्होंने पहले ग्रेजुएशन और बाद में पोस्ट ग्रेजुएशन में डिग्री हासिल की। पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री लेने के बाद वह सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए। मनु को कंप्यूटर साइंस में महारत हासिल है। वह 12वीं कक्षा में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर चुके हैं।
मनु की शिक्षा में मां का रहा अहम रोल
मनु ने अपनी स्कूली शिक्षा के दौरान स्क्रीन रीडर्स और ओटीजी केबल जैसी आधुनिक तकनीकों को सीखा। मनु की पढ़ाई में उनकी मां का काफी रोल रहा है। मसलन वह स्कूल जाकर शिक्षकों से नोट्स लाती थीं और नोट्स घंटों मनु को सुनाया करती थी। इसके अलावा वह मनु द्वारा डक्टेट किए गए उत्तरों को अपनी कलम से लिखती थीं और आज जिसका रिजल्ट हम सभी के सामने हैं। मनु ने अपने दूसरे प्रयास में साल 2024 में UPSC सिविल सेवा जैसी कठिन परीक्षा में 91वीं रैंक लाकर और IAS बन यह साबित कर दिया कि शारीरिक बाधाएं बुलंद इरादों के सामने नहीं टिक सकती हैं।
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Farhan Khan is an education journalist with over 3 years of experience specializing in the public sector recruitment space. From UPSC and SSC to Banking and Defense, he provides end-to-end coverage on exam notifications, admit cards, and Sarkari results. Farhan holds a Master’s degree in Mass Communication from Guru Jambheshwar University and blends research-driven journalism with creative storytelling to guide aspirants through their exam preparation journeys.