Republic Day 2026 Poem in Hindi: गणतंत्र दिवस हमारे देश भारत का वह पावन पर्व है, जिसे हम हर साल 26 जनवरी को बड़े उत्साह और गर्व के साथ मनाते हैं। इसी दिन 1950 में हमारा संविधान लागू हुआ, जिससे भारत एक पूर्ण गणराज्य बन गया और विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में अपनी पहचान बनाई।
स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक कार्यक्रमों में बच्चे और युवा देशभक्ति के गीत, भाषण और कविताएँ प्रस्तुत करते हैं, जो हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, संविधान की महत्ता और भारतीय संस्कृति की विशालता को सुंदर शब्दों में व्यक्त करती हैं। गणतंत्र दिवस की कविताएँ (Republic DaY Poems) हर उम्र के पाठकों के दिल में देशभक्ति की चिंगारी जगाती हैं, और हमें लोकतंत्र, आज़ादी और नागरिक जिम्मेदारी की याद दिलाती हैं।
Republic Day 2026 Poem in Hindi
छात्र नीचे दी गई गणतंत्र दिवस की कविताओं को भाषण, मंच कार्यक्रम और स्कूल समारोह में पढ़ने या सुनाने के लिए उपयोग कर सकते हैं। ये कविताएँ देशभक्ति की भावना को मजबूत करने के साथ संविधान और वीरों के बलिदान की याद दिलाती हैं।
1. गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति कविता
“अब उठो तिरंगा लहराओ”
अब उठो तिरंगा लहराओ,
विश्व पटल पर मान बढ़ाओ।
केसरिया, सफेद, हरा रंग,
देशभक्ति का अनोखा संग।
वीरों के बलिदान का,
यह दिवस है महान।
संविधान की शक्ति से,
बढ़े हमारा अभिमान।
शहीदों ने जो राह दिखाई,
हम उस पर चलें सदा।
कर्तव्यों का करें पालन,
बनें जिम्मेदार भारत का पदा।
आओ प्रतिज्ञा करें आज,
देश को रखेंगे महान।
गणतंत्र का पर्व है आया,
सब मिलकर मनाएं शान।
2. गणतंत्र दिवस कविताओं की शान
“आज देश की मिट्टी बोल उठी है”
(प्रेरित कविता शैली में)
लोहा-गोले, रणभूमि की छाया,
रक्त की धार ने जो मिट्टी सजाई।
बूँद-बूँद बन कर बहे वीरों का रक्त,
आज वही मिट्टी बोल उठी है,
गणतंत्र की आवाज़ फैलाई।
संविधान की ज्योति जल उठी,
न्याय, स्वतंत्रता का दीपक जग-मगाया।
एकता, समानता की गाथा गाई,
भारत ने आज नया इतिहास रच डाला।
हर भारतीय के हृदय में जगी,
देशभक्ति की अद्भुत भावना।
आओ मिलकर यही संकल्प लें,
बने हम अपने देश की ताजगी और शान।
3. “पुष्प की अभिलाषा”, प्रेरणादायक कविता
(प्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी की शैली से प्रेरित)
चाह नहीं मैं सुरबाला के गहने पहनूँ,
ना प्रेमी-माला से सज-धज कर चमकूँ।
मुझे तो उस वीर के पथ पर रखना,
जहाँ हर कदम पर देशभक्ति की कहानी महके।
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने को,
जीवन अपनी देने को जी चाहे।
यह पावन धरा, यह प्यारा आकाश,
हर भारतीय की प्राणों में बसे।
वीरों की याद में यह दिल धड़कता,
संविधान की शक्ति को हर पल जिए।
गणतंत्र दिवस के इस पावन पर्व पर,
हम सबको तिरंगे का मान बढ़ाए।
4. “संविधान की पुकार”, भावपूर्ण देशभक्ति कविता
संविधान की पुकार सुनो,
वो कर्तव्य का पथ बताता।
न्याय, समानता, आज़ादी का,
उसीने दीप जगाया।
हम सब हैं इसके धारक,
कर्तव्यों के साथ अधिकार भी।
देश की सेवा दिल से करें,
फिर बने हम महान भी।
गणतंत्र दिवस पर यही प्रण,
हम सबको निभाना है।
देश को उन्नति के पथ पर,
नई ऊँचाई तक ले जाना है।
5. “वीरों का सलाम”, एक लंबी कविता
वीरों का सलाम है यह दिन,
उनके बलिदान की गाथा महान।
खून से सिंचित है यह धरा,
उनकी यादों की शान।
चलो एक बार फिर प्रण लें,
देश की रक्षा हम करें।
संविधान का सम्मान करें,
देश को नई ऊँचाइयों तक बढ़ाएँ।
हर नागरिक का कर्तव्य है,
देश के प्रति प्रेम जताएँ।
गणतंत्र दिवस के इस पावन पर्व पर,
सब मिलकर जय इंडिया करें गूँजाएँ।
6. “हम सब का भारत”, युवा कविता
हम सब का भारत महान,
बढ़ता हुआ राष्ट्र यह महानगर।
संविधान की शक्ति से,
हर बाधा को हम पार करें।
एकता, समता की राह पर,
हम सबको आगे बढ़ना है।
देशभक्ति की लहरों में,
भारत को महान बनाना है।
7. “गणतंत्र की प्रतिज्ञा”, दिल छू लेने वाली कविता
आज गणतंत्र का दिन है आया,
सबका हृदय आनन्दित हुआ।
देश की सेवा करते हुए,
हम नया इतिहास रचें।
संविधान की महिमा को,
हम सब मिलकर सराहें।
चिता पर शीश नहीं,
कर्तव्य पथ पर जीवन समर्पित करें।
गणतंत्र दिवस की ये कविताएँ हमें देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का संदेश देती हैं। आइए, हम सब मिलकर संविधान का सम्मान करें और भारत को प्रगति की राह पर आगे बढ़ाएँ।
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