Budget Orange Economy: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बीते रविवार को लोकसभा में आम बजट पढ़ा है। इस दौरान यह पहली बार है, जब बजट में ऑरेंज इकोनॉमी का जिक्र किया गया है। इस शब्द का उपयोग बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किया है, जिसमें उन्होंने भारत के तेजी से Orange Economy की तरफ बढ़ने की बात कही है। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि ऑरेंज इकोनॉमी क्या होती है। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो संभावना है कि इस शब्द को लेकर आपसे सवाल पूछे जा सकते हैं।
क्या होती है Orange Economy?
ऑरेंज इकोनॉमी एक प्रकार की क्रिएटिव इकोनॉमी है। इसमें ज्ञान, सूचना, कला और टैलेंट का मिश्रण होता है। इस बार के बजट में सरकार ने रील मेकिंग और कटेंट क्रिएशन को ऑरेंज इकोनॉमी का हिस्सा माना है। यहां कमाई का जरिया कोई भारी मशीन या उद्योग नहीं, बल्कि हुनर और कल्पना होती है।
क्यों दिया गया ऑरेंज नाम
ऑरेंज यानि कि नारंगी रंग को दुनिया में रचनात्मकता और सीखने का प्रतीक माना जाता है। वहीं, लैटिन अमेरिका विकास बैंक की परिभाषा के मुताबिक, यह रंग बौद्धिक संपदा से पैसे कमाने वाले उद्योगों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में इसे ऑरेंज इकोनॉमी कहा गया है।
Orange Economy में कौन-कौन-से क्षेत्र हैं शामिल
ऑरेंज इकोनॉमी में कला, सांस्कृतिक धरोहर, हस्तशिल्प, फिल्म, संगीत, रेडिया, सोशल मीडिया रील मेकिंग, डिजाइन, विज्ञापन, ग्राफिक्स और वीडियो गेम्स आदि शामिल हैं।
सरकार ने क्या की है बड़ी घोषणा
सरकार ने इस बार के बजट में ऑरेंज इकोनॉमी को लेकर बड़ी घोषणा की है। इसके तहत 1500 सेकेंड्री स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित होंगी। इनका संचालन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी, मुंबई द्वारा किया जाएगा। लैब में छात्रों को वीडियो एडिटिंग से लेकर VFX और ऑडिो-वीडियो प्रोडक्शन की ट्रेनिंग मिलेगी।
10 हजार करोड़ का फंड प्रस्तावित
सरकार ने गेमिंग और स्टार्टअप्स के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के फंड का प्रस्ताव दिया है। सरकार ने अनुमान लगाया है कि 2030 तक भारत को 20 लाख कंटेंट क्रिएटर्स की जरूरत होगी। ऐसे में बजट में इस क्षेत्र को एक औपचारिक करियर के रूप में मान्यता मिली है।
गेमिंग और एनिमेशन सेक्टर में प्रोफेशनल की भर्ती
सरकार ने डिजिटल मीडिया के युग में गेमिंग पर भी विशेष ध्यान दिया है। इस कड़ी में सरकार ने बजट में गेमिंग और एनिमेशन सेक्टर में आने वाले वर्षों में 10 लाख प्रोफेशनल की भर्ती की बात कही है। क्योंकि, बीते कुछ वर्षों में भारत में गेमिंग का दायरा बढ़ा है और युवा गेमिंग के क्षेत्र में नाम के साथ दाम भी कमा रहे हैं।
बनाया जाएगा नॉलेज ग्रिड नेटवर्क
कंटेंट क्रिएटर्स की मदद के लिए सरकार की ओर से एक नॉलेज ग्रिड भी तैयार की जाएगी। इस ग्रिड पर सरकार भारत के इतिहास और संस्कृति को लेकर डाटा स्टोर करेगी। कंटेंट क्रिएटर्स यहां से डाटा लेकर रिसर्च कर सकेंगे।
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