भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। यहां का संविधान दुनिया का सबसे बड़ा संविधान है, जो कि 2 साल 11 महीने और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ था। संविधान में यदि अनुच्छेद 75 से 78 पर गौर करें, तो हमें प्रधानमंत्री का पद, नियुक्ति और शक्तियों के बारे में पढ़ने को मिलता है। प्रधानमंत्री सरकार के कार्यों का मुखिया होता है, जो कि मंत्रीमंडल का भी अध्यक्ष होता है।
प्रधानमंत्री की सिफारिश पर ही कैबिनेट मंत्रियों को राष्ट्रपति द्वार उनके पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई जाती है। भारत में अभी तक कुल 14 प्रधानमंत्री हुए हैं और प्रत्येक पीएम को उनकी विशेषतओं की वजह से जाना जाता है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि भारत में सबसे उम्रदराज पीएम कौन रहे हैं, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।
भारत में सबसे उम्रदराज प्रधानमंत्री कौन रहे हैं
आपको बता दें कि भारत में सबसे उम्रदराज प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई रहे हैं। वह भारत के चौथे प्रधानमंत्री रहे हैं। उन्होंने 81 वर्ष की आयु में पीएम पद की शपथ ली थी। वह इस पद पर सिर्फ एक ही साल ही रहे थे।
चार साल में सिर्फ एक बार मनाते थे जन्मदिन
मोरारजी देसाई का जन्म 29 फरवरी, 1896 में हुआ था। ऐसे में वह भारत के इकलौते प्रधानमंत्री थे, जो कि चार साल में सिर्फ एक बार ही जन्मदिन मनाते थे। यही वजह थी कि उन्हें लोग अमर प्रधानमंत्री भी कहा करते थे।
किस तरह बने थे भारत के प्रधानमंत्री
मोरारजी देसाई ने 1977 के आम चुनावों में जीत हासिल की थी। उस समय आपातकाल के विरोध में विपक्ष ने एकजुट होकर यह चुनाव जीता था। उन्होंने जय प्रकाश नारायण से समर्थन प्राप्त किया और पार्टी के नेता चुने गए। देसाई ने 24 मार्च, 1977 को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी। वह जनता पार्टी से जीते थे और पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने थे।
‘भारत रत्न’ और ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से सम्मानित
आपको बता दें कि मोरारजी देसाई भारत के इकलौते ऐसे नागारिक हैं, जिन्हें भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ और पाकिस्तान का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘निशान-ए-पाकिस्तान’, दोनों से नवाजा गया है। उन्हें यह पुरस्कार भारत और पड़ोसी देशों के बीच की गई शांति की कोशिश के लिए दिया गया था।
लागू किया 44वां संविधान संशोधन
मोरारजी देसाई से जुड़ी खास बात यह भी है कि उन्होंने आपातकाल के दौरान संविधान में किए गए बदलाव को पलटने के लिए 44वां संविधान संशोधन लागू किया था। इससे नागरिकों के मूल अधिकार अधिक सुरक्षित हुए थे।
10 बार पेश किया केंद्रीय बजट
मोरारजी देसाई भारत के वित्त मंत्री भी रहे हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 10 बार केंद्रीय बजट पेश किया था। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड है। वहीं, कुल 10 में से 2 बार उन्होंने अपने जन्मदिन यानि कि 29 फरवरी को बजट पेश किया था।
पढ़ेंःअब घर बैठे Voter ID Card से मिनटों में जोड़ें मोबाइल नंबर, यह है प्रक्रिया
Comments
All Comments (0)
Join the conversation