भारत में कब से हैं जिला अदालतें, किसने की थी शुरुआत, जानें यहां

Last Updated: Oct 19, 2026, 12:00 IST

भारत के अलग-अलग जिलों में हमें जिला अदालतें देखने को मिलती हैं। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत में कब से जिला अदालतें लग रही हैं और इनका क्या इतिहास रहा है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे। 

जिला अदालत
जिला अदालत

भारत की न्यायिक व्यवस्था में हमें अलग-अलग स्तर पर अदालतें देखने को मिलती हैं। सबसे टॉप पर सुप्रीम कोर्ट है, जिसके बाद हाई कोर्ट और फिर जिला अदालतें आती हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि भारत में कब से जिला अदालतें लग रही हैं और इसका श्रेय किसे जाता है, यदि नहीं, तो इस लेख के माध्यम से हम इस बारे में जानेंगे।  

कब पड़ी जिला अदालतों की नींव

भारत में आधुनिक जिला अदालतों की शुरुआत का श्रेय गवर्नर जनरल वारेन हेस्टिंग्स को जाता है। उन्होंने 1772 की अपनी न्यायिक योजना के तहत बंगाल प्रेसीडेंसी के हर जिले में दो प्रकार की अदालतें स्थापित कीं:

दीवानी अदालत: यह नागरिक और राजस्व से जुड़े संपत्ति विवादों को सुलझाती थी। इसका प्रमुख जिले का 'कलेक्टर' होता था।

फौजदारी अदालत: यह आपराधिक मामलों के लिए थी, जो काजी और मुफ्ती की मदद से चलती थी।

बाद में 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 'कॉर्नवालिस कोड' के जरिए कलेक्टर से न्यायिक शक्तियां छीन लीं और 'जिला न्यायाधीश' का पद बनाया। यहीं से भारत में आधुनिक जिला अदालत का वास्तविक रूप अस्तित्व में आया।

देश की सबसे पुरानी जिला अदालतें

ब्रिटिश न्याय प्रणाली का केंद्र बंगाल था, इसलिए सबसे पुरानी अदालतें वहीं स्थापित हुईं। समय के साथ अन्य राज्यों में भी अदालतें बनीं:

-अलीपुर जिला अदालत (पश्चिम बंगाल): दक्षिण 24 परगना जिले का यह न्यायालय भारत के सबसे पुराने और ऐतिहासिक जिला न्यायालयों में गिना जाता है। इसका इतिहास ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के शुरुआती दिनों से जुड़ा है।

-आगरा जिला अदालत (उत्तर प्रदेश): यूपी के आगरा में स्थित जिला न्यायालय का इतिहास बेहद पुराना है। यहां 1 जनवरी 1832 में 'सदर दीवानी अदालत' स्थापित की गई थी और आज भी यह अदालत अपनी उसी ऐतिहासिक इमारत से काम कर रही है।

-मुजफ्फरपुर जिला अदालत (बिहार): बिहार राज्य की सबसे पुरानी जिला अदालत मुजफ्फरपुर में स्थित है, जिसे आधिकारिक तौर पर 1875 में स्थापित किया गया था।

-तीस हजारी अदालत (दिल्ली): दिल्ली की बात करें तो 1958 में स्थापित तीस हजारी कोर्ट यहां की सबसे पुरानी जिला अदालत है।

भारत की पहली अदालतों से जुड़े फैक्ट्स

पहली ई-कोर्ट (E-Court): भारत की पहली जिला स्तरीय ई-अदालत (E-Court) 8 फरवरी 2010 को दिल्ली के कड़कड़डूमा जिला न्यायालय में शुरू की गई थी।

-पहली पेपरलेस कोर्ट: केरल के वायनाड जिले की कल्पेट्टा जिला अदालत भारत की पहली पूरी तरह से पेपरलेस जिला अदालत बन गई है।

-पहला उच्च न्यायालय: इन जिला अदालतों के ऊपर निगरानी रखने वाला भारत का सबसे पुराना उच्च न्यायालय 'कलकत्ता हाई कोर्ट' है, जो कि 1 जुलाई 1862 में स्थापित हुआ था।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior Executive - Editorial

A seasoned journalist and Multimedia Producer with over 8 years of experience in print and digital media, Kishan specializes in turning complex topics into clear, compelling narratives. Currently working as a Senior Content Writer in the GK section at Jagran Josh, he brings deep subject expertise in History, Polity, and Geography, writing on national and international affairs from a general knowledge perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com.

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First Published: Oct 19, 2026, 12:00 IST

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