Zojila Tunnel: 3 घंटे का सफर सिर्फ 20 मिनट में, इन दो खास पॉइंट को करेगी कनेक्ट, एशिया में बनेगा यह बड़ा रिकॉर्ड

Last Updated: Jun 9, 2026, 18:42 IST

Zoji-la Tunnel: भारत के मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तहत, जम्मू-कश्मीर में बन रही जोजिला टनल (Zojila Tunnel) बालटाल और मिनामार्ग (द्रास) को जोड़ेगी। 13.153 किमी लंबी यह सुरंग पूरी होने पर एशिया की सबसे लंबी बाय-डायरेक्शनल सिंगल-ट्यूब रोड टनल बनेगी। इसके जरिए जोजिला दर्रे का 3 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 20 मिनट रह जाएगा और लद्दाख को हर मौसम कनेक्टिविटी मिलेगी। 

भारत का इंजीनियरिंग चमत्कार! लद्दाख को सालभर जोड़ने वाली सुरंग
भारत का इंजीनियरिंग चमत्कार! लद्दाख को सालभर जोड़ने वाली सुरंग

Zojila Tunnel in Hindi: जम्मू-कश्मीर में बन रही जोजिला टनल भारत की सबसे खास इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में से एक है। 13.153 किलोमीटर लंबी यह सुरंग पूरी होने के बाद एशिया की सबसे लंबी बाय-डायरेक्शनल (Bi-Directional) सिंगल-ट्यूब रोड टनल बन जाएगी। इसके शुरू होते ही लद्दाख का देश के बाकी हिस्सों से संपर्क पूरे साल बना रहेगा, जो अभी भारी बर्फबारी के कारण हर सर्दी में महीनों तक प्रभावित हो जाता है। 

क्या है जोजिला टनल?

यह टनल जोजिला दर्रे (Zojila pass) के नीचे बनाई जा रही है, जो श्रीनगर और लद्दाख के बीच सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में से एक है। यह बालटाल और मिनामार्ग (द्रास) को जोड़ेगी और श्रीनगर-कारगिल-लेह मार्ग को हर मौसम में चालू रखने में मदद करेगी। यह टनल समुद्र तल से लगभग 11,578 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। 

जोजिला टनल प्रोजेक्ट हाई लाइट्स 

जोजिला दर्रे के नीचे करीब 3,000 मीटर की ऊंचाई पर बन रही यह टनल बालटाल और मिनामार्ग (द्रास) को जोड़ेगी। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-1 (NH-1) का हिस्सा है, जो श्रीनगर, द्रास, कारगिल और लेह को जोड़ता है। 

मुख्य सुरंग की लंबाई

13.153 किमी

प्रोजेक्ट की लंबाई

30.18 किमी

अनुमानित लागत

₹6,809.69 करोड़

निर्माण एजेंसी

NHIDC 

सुरंग का टाइप 

2 लेन सिंगल-ट्यूब बाय-डायरेक्शनल टनल 

समुद्र तल से ऊंचाई

लगभग 11,578 फीट

3 घंटे का सफर सिर्फ 20 मिनट में

आज जोजिला दर्रे को पार करने में करीब तीन घंटे लगते हैं और मौसम खराब होने पर यह सफर और भी मुश्किल हो जाता है। टनल बनने के बाद यही दूरी मात्र 20 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को सुरक्षित और तेज़ यात्रा का विकल्प मिलेगा। 

प्रोजेक्ट में क्या-क्या है शामिल? 

जोजिला प्रोजेक्ट केवल एक टनल तक सीमित नहीं है, इसके तहत 13.153 किमी की मुख्य सुरंग के साथ 17 किमी से अधिक एप्रोच रोड, 4 निलग्रार टनल, 8 कट-एंड-कवर सेक्शन, 4 कल्वर्ट और 3 वर्टिकल वेंटिलेशन शाफ्ट भी शामिल है।   

अब सर्दियों में भी कनेक्ट रहेगा लद्दाख

हर साल भारी बर्फबारी के कारण जोजिला दर्रा लगभग छह महीने तक बंद रहता है। इससे लद्दाख का सड़क संपर्क प्रभावित होता है और जरूरी सामान की आपूर्ति भी चुनौती बन जाती है। टनल के शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। 

सेना के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम  

लद्दाख भारत की सबसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में शामिल है। ऐसे में जोजिला टनल भारतीय सेना के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। इससे सैनिकों, हथियारों और जरूरी संसाधनों की आवाजाही तेज होगी और सीमा क्षेत्रों तक पहुंच आसान बनेगी।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

लद्दाख, कारगिल और द्रास जैसे क्षेत्रों में पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। सालभर सड़क संपर्क उपलब्ध होने से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी, होटल, परिवहन और स्थानीय व्यापार को फायदा होगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कितनी लागत और कब तक होगा पूरा? 

करीब ₹6,810 करोड़ की लागत वाले इस प्रोजेक्ट का निर्माण NHIDCL कर रही है। सरकार का लक्ष्य इसे सितंबर 2026 तक पूरा करने का है, हालांकि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कुछ रिपोर्टों में संभावित देरी की भी बात कही गई है।

निर्माण कार्य कितना हुआ पूरा

पिछले कुछ वर्षों में परियोजना ने तेज़ी से प्रगति की है। बता दें कि अप्रैल 2023 तक करीब 28% कार्य पूरा हुआ था। अगस्त 2024 में प्रगति बढ़कर 52% से अधिक पहुंच गई थी। मार्च 2025 तक लगभग 70% काम पूरा हो चुका था, जबकि जनवरी 2026 में 13.153 किमी में से 6 किमी से अधिक खुदाई पूरी होने का महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किया गया। 

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट?

जोजिला टनल सिर्फ एक सुरंग नहीं, बल्कि लद्दाख के लिए नई उम्मीद है। यह रोजेक्ट जहां एक ओर राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करेगी, वहीं दूसरी ओर लाखों लोगों की यात्रा को आसान बनाएगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति देगी। भारत के सबसे चुनौतीपूर्ण पहाड़ी इलाकों में बन रही यह टनल इंजीनियरिंग और रणनीतिक दृष्टि से एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

Bagesh Yadav
Bagesh Yadav

Senior Executive - Editorial

Bagesh Yadav is a journalist and current affairs analyst with over six years of experience in education journalism, national and international affairs, and digital media. He has contributed to India’s leading knowledge platforms, including Vision IAS and Only IAS, and currently serves in a senior editorial role at Jagranjosh.com, where he leads coverage across the Current Affairs and General Knowledge sections. His expertise spans breaking news, government policy analysis, world affairs, sports updates, science and technology, and visually engaging infographics. Known for his commitment to factual accuracy, editorial integrity, and audience-first storytelling, Bagesh delivers well-researched, accessible, and impactful journalism that serves millions of students, competitive exam aspirants, and informed readers across India.

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First Published: Jun 9, 2026, 17:59 IST

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