भारत को विविधताओं का देश कहा जाता है, जो कि अपनी सांस्कृतिक विरासत और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां का समृद्ध और गौरवशाली इतिहास इसे अन्य देशों से विशेष बनाता है। भारत को यदि उत्तर से लेकर दक्षिण और पूर्व से लेकर पश्चिम तक देखें, तो यहां अलग-अलग राज्य और केंद्र शासित देखने को मिलते हैं।
इनमें हमें जिलों का विभाजन देखन को मिलता है। इनमें से कुछ जिलों की अपनी विशेषता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत में एक जिला ऐसा भी है, जिसे ‘अरब सागर की भौंह’ (Eyebrow of Arabian Sea) भी कहा जाता है। क्या है इसके पीछे का कारण, जानने के लिए यह लेख पढ़ें।
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भारत में कुल कितने जिले हैं
सबसे पहले हम भारत के कुल जिलों के बारे में जान लेते हैं। आपको बता दें कि भारत में कुल 797 जिले हैं। हालांकि, समय-समय पर इन जिलों की संख्या में बदलाव होता रहता है। क्योंकि, कई राज्यों द्वारा समय-समय पर अपने स्तर पर जरूरत को देखते हुए जिलों को घटाया या बढ़ाया जाता है। इन कुल जिलों में 750 से अधिक जिले राज्यों में हैं, जबकि शेष केंद्र शासित प्रदेशों में हैं।
किस जिले को ‘अरब सागर की भौंह’ कहते हैं
अब हम यह जान लेते हैं कि किस जिले को अरब सागर की भौंह कहते हैं, तो आपको बता दें कि पुडुचेरी में स्थित माहे जिले को ‘अरब सागर की भौंह’ भी कहा जाता है। इस बात का जिक्र हमें माहे की आधिकारिक वेबसाइट पर देखने को मिलता है।
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क्यों कहा जाता है ‘अरब सागर की भौंह’
अब हम यह जान लेते हैं कि आखिर माहे जिले को ‘अरब सागर की भौंह’ क्यों कहा जाता है। आपको बता दें कि इसके पीछे इसका स्थानीय और भौगोलिक कारण है, जो कि इस प्रकार है-
क्या है माहे का अर्थ
माहे को स्थानीय मलयालम भाषा में ‘म्य्याजी’ कहा जाता है। इसका अर्थ ‘समुद्र की भौंह’ होता है। इस शब्द में ‘मय्या’ का अर्थ भौंह और ‘अजी’ का अर्थ समुद्र का मुहाना होता है। वहीं, इसकी भौगोलिक स्थिति पर गौर करें, तो यह शहर अरब सागर के किनारे बसा हुआ है, जिस वजह से इस शहर को ‘अरब सागर की भौंह’ कहा जाता है।
फ्रांसीसी शासन के अधीन रहा माहे
यह बात हम सभी जानते हैं कि पुडुचेरी में फ्रांसीसी शासन रहा था। ऐसे में यह जिला भी फ्रांसीसी शासन के अधीन रहा था। यहां फ्रांसीसियों ने 1720 से लेकर 1954 तक शासन किया था। यही वजह है कि आज भी यहां की इमारतों से लेकर सड़कों और शहर की शैली में हमें फ्रांसीसी शैली देखने को मिलती है। ऐसा माना भी जाता है कि एक फ्रांसीसी गवर्नर के सम्मान में ही इसका नाम माहे रखा गया था। क्योंकि, उनके नाम में माहे आता था।
भारत का सबसे छोटा जिला भी है माहे
माहे से जुड़ा एक रोचक तथ्य यह भी है कि यह भारत का सबसे छोटा जिला है, जो कि सिर्फ 9 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। यह जिला पुडुचेरी में है, लेकिन यह अधिकांश रूप से केरल से घिरा हुआ है।
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