यूपी के इस शहर में है दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री, सालाना तैयार होते हैं 12 करोड़ फोन
भारत में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फोन फैक्ट्री है। इस फैक्ट्री में सालाना तौर पर 12 करोड़ फोन को तैयार किया जाता है। खास बात यह है कि यह उत्तर प्रदेश राज्य में स्थित है। यह फैक्ट्री Samsung कंपनी की है।
उत्तर प्रदेश भारत का चौथा सबसे बड़ा राज्य है। राज्य के नाम कई बड़ी उपलब्धि है। इस कड़ी में आपको बता दें कि दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फोन की फैक्ट्री भी उत्तर प्रदेश में ही स्थित है। यह फैक्ट्री कुल 35 एकड़ में फैली हुई है, जिसकी शुरुआत 2018 में हुई थी। वर्तमान में इस फैक्ट्री में सालाना तौर पर 12 करोड़ मोबाइल फोन तैयार किये जाते हैं।
यह फैक्ट्री दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फोन निर्माताओं में शामिल Samsung कंपनी की है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।
किस शहर में है फैक्ट्री
सबसे पहले हम यह जान लेते हैं कि आखिर यूपी के किस शहर में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री मौजूद है? आपको बता दें कि यह यूपी के सबसे समृद्ध जिलों में शामिल गौतमबुद्ध नगर के नोएडा शहर के सेक्टर 81 में स्थित है। इस फैक्ट्री का उद्घाटन 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के तत्कालीन राष्ट्रपति मून जे-इन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
नोएड की फैक्ट्री को लेकर विशेष तथ्य
-नोएडा स्थित सैमसंग मोबाइल फैक्ट्री में पहले सालाना तौर पर 68 मिलियन मोबाइल फोन का निर्माण किया जाता था। अब इसकी संख्या बढ़ाकर 12 मिलियन यूनिट कर दी है।
-इस फैक्ट्री में सैमसंग के इंट्री लेवल फोन से लेकर प्रीमियम फोन का निर्माण किया जाता है, जो कि भारत की इस फैक्ट्री को विशेष बनाते हैं।
-यूपी में स्थित इस फैक्ट्री में बनने वाले फोन को न सिर्फ भारत में बेचा जाता है, बल्कि विदेशों में भी यूपी के नोएडा से फोन पहुंचते हैं।
-फैक्ट्री का निर्माण 35 एकड़ की भूमि पर किया गया है, जो कि एक विशालकाय कैंपस है। यह इतना बड़ा कैंपस है कि यह अपने आप में एक छोटा शहर लगता है, जिसे अलग-अलग खंडों में विभाजित किया गया है।
2007 से भारत में बना रहा है फोन
सैमसंग के फोन एकमात्र ऐसे फोन हैं, जो कि पूरी तरह भारत में ही बन रहे हैं। भारत में सैमसंग फोन का निर्माण साल 2007 से हो रहा है। कंपनी द्वारा प्रिंटेड सर्किट बोर्ड का निर्माण भी भारत में ही किया जाता है।
पहले बनते थे टीवी और फ्रीज
नोएडा की इस फैक्ट्री की शुरुआत 1996 में हुई थी। यहां पहले टीवी और फ्रीज बना करते थे। हालांकि, बाद में 2007 में यहां मोबाइल फोन बनना शुरू हुआ, जिसका बाद में विस्तार किया गया और यह दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल फैक्ट्री बन गई। हालांकि, आज भी इस फैक्ट्री में कंपनी द्वारा टीवी, फ्रीज और अन्य उपकरणों को बनाया जाता है, जिन्हें अलग-अलग डिविजन में बांटा गया है।
यूपी में फैक्ट्री होने का आर्थिक महत्त्व
उत्तर प्रदेश के नोएडा शहर में फैक्ट्री होने का आर्थिक महत्त्व है। क्योंकि, फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिला है। साथ ही, एनसीआर में फैक्ट्री होने की वजह से इसके आसपास के इलाकों में मोबाइल कंपोनेंट निर्माता और सप्लायर का नेटवर्क भी बढ़ा है। इससे अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ा है।
वहीं, कंपनी द्वारा इस फैक्ट्री के निर्माण के लिए उत्तर प्रदेश की मेगा पॉलिसी के तहत 4 हजार करोड़ से अधिक रुपये का निवेश किया गया था। इससे यूपी की अर्थव्यवस्था को रफ्तार मिली थी।
यूपी से शुरू हुई थी ‘Make for the World’ पहल
यूपी के नोएडा शहर से ही कंपनी द्वारा ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ पहल को शुरू को किया गया था। इसका अर्थ यह हुआ कि कंपनी भारत के यूपी में मोबाइल फोन का निर्माण करेगी, लेकिन इसे यूरोप, SAARC देशों , पश्चिमी अफ्रीका और अफ्रीका में भी निर्यात करेगी। यही वजह है कि यूपी के इस शहर की वैल्यू और भी बढ़ जाती है।
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