Red Fort नहीं, यह है दिल्ली का सबसे बड़ा किला, जानें यहां

Last Updated: Feb 16, 2026, 18:51 IST

दिल्ली को इतिहास का शहर कहा जाता है। इस कड़ी में यहां कई किले बने हुए हैं, जो कि आज भी इतिहास की गवाही देते हैं। आपने दिल्ली के अलग-अलग किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। कई लोग दिल्ली के लाल किले को सबसे बड़ा किला मानते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है, क्योंकि सबसे बड़ा किला यह नहीं है, बल्कि इससे भी बड़ा एक किला है, जहां आज भी पर्यटक घूमने के लिए पहुंचते हैं। 

दिल्ली का सबसे बड़ा किला
दिल्ली का सबसे बड़ा किला

दिल्ली का इतिहास उठाकर देखें, तो दिल्ली को सात बार लूटा गया और सात बार ही बसाया गया। यहां हमें कुल आठ शहर देखने को मिलते हैं, जिसमें आखिरी में बसाया गया शहर नई दिल्ली है। दिल्ली का इतिहास इतना विस्तृत है कि यहां की ऐतिहासिक इमारतों में अतीत की यादें और गौरवशाली कहानियां दर्ज हैं।

इस कड़ी में यहां बने ऐतिहासिक किले भी हैं, जिन्होंने अपने सामने दिल्ली की बदलते देखा है। आपने दिल्ली के अलग-अलग किलों के बारे में पढ़ा और सुना होगा। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि दिल्ली का सबसे बड़ा किला कौन-सा है, यदि आप लाल किला या पुराना किला सोच रहे हैं, तो आपका जवाब गलत है। क्योंकि, इन किलों से दूर एक किला है, जो अपनी विशालता के लिए जाना जाता है। 

दिल्ली का सबसे बड़ा किला 

दिल्ली के सबसे बड़े किले की बात करें, तो यह तुगलकाबाद का किला है। किला पूरे 6.5 किलोमीटर के घेरे में बना हुआ है, जिससे यह दिल्ली का सबसे बड़ा किला बन जाता है। यह किला दिल्ली के चौथे शहर के रूप में भी पहचाना जाता है। इसकी संरचना और इससे जुड़ी किंवदंतिया इसे अन्य किलों से अलग बनाती हैं। 

किसने किया था किले का निर्माण

दिल्ली के तुगलकाबाद किले का निर्माण तुगलक वंश के संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक द्वारा 1321 में करवाया गया था। किले को सैन्य किले के रूप में बनवाया गया था, जिससे मंगोल आक्रमणकारियों से बचा जा सके।

सिर्फ 4 साल में बन गया था किला 

किले को लेकर एक आश्चर्यजनक बात यह है कि इस किले को सिर्फ 4 साल में ही तैयार कर लिया गया था। किले का निर्माण 1321 में शुरू हुआ था और 1325 में पूरा हुआ था।

किले की वास्तुकला

ऊंची दीवारों के लिए जाना जाता है किला 

उस समय को देखते हुए किले की दीवारों को बहुत ही ऊंचा बनाया गया था। साथ ही, इसकी दीवारों की मोटाई अधिक रखी गई थी, जिससे मंगोल आक्रमणकारी किले को आसानी से नहीं भेद सके। 

तीन हिस्सों में बंटा है किला 

तुगलकाबाद का किला तीन हिस्सों में बंटा हुआ है। इसका एक हिस्सा आवासीय क्षेत्र है, जहां आम लोग रहा करते थे। वहीं, दूसरा हिस्सा गढ़ कहलाता है, जहां प्रशासनिक भवन के साथ महल हुआ करते थे। वहीं तीसरा हिस्सा शाही निवास हुआ करता था, जो कि राजा के परिवार के रहने का स्थान था।

fort-delhi

52 गेट वाला किला 

किले को लेकर खास बात यह भी है कि इस किले में प्रवेश के लिए 52 दरवाजों का बनाया गया था। इनमें से अब 13 दरवाजे ही हैं।

किले को लेकर क्या है किंवदंती

किले को लेकर एक प्रसिद्ध लोककथा है, जिसके मुताबिक कहा जाता है कि गयासुद्दीन तुगलक ने कहा था कि दिल्ली के सभी मजूदर सिर्फ किला ही बनाएंगे। वहीं, दूसरी तरफ निजामुद्दीन औलिया बावली का निर्माण करवा रहे थे।

ऐसे में मजूदरों ने रात में बावली का काम किया था, जिससे नाराज होकर सुल्तान ने बावली के लिए तेल की आपूर्ति बंद कर दी थी। इसे लेकर कहा जाता है कि निजामुद्दीन औलिया ने कहा था कि "या रहे उज्वर, या बसे गुज्जर" (या तो यह उजाड़ रहेगा, या इसमें चरवाहे बसेंगे)।

क्या है वर्तमान स्थिति

आज भी इस किले को देखने के लिए पर्यटक पहुंचते हैं। हालांकि, अब यह खंडहर हो चुका है। किले के सामने गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा बना हुआ है, जिसका निर्माण लाल बलुआ पत्थर और संगमरमर से किया गया है।

Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

... Read More

आप जागरण जोश पर भारत, विश्व समाचार, खेल के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए समसामयिक सामान्य ज्ञान, सूची, जीके हिंदी और क्विज प्राप्त कर सकते है. आप यहां से कर्रेंट अफेयर्स ऐप डाउनलोड करें.

Trending

Latest Education News