भारत का पहला एक्सप्रेसवे कौन-सा है, देश के इस महान व्यक्ति के नाम से है प्रसिद्ध

Last Updated: May 20, 2026, 11:12 IST

भारत में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हमें एक्सप्रेसवे का नेटवर्क देखने को मिलता है। इस कड़ी में क्या आप जानते हैं कि भारत का पहला एक्सप्रेसवे NE-1 नाम से जाना जाता है। इसका उद्घाटन 2003 में हुआ था।  

भारत का पहला एक्सप्रेसवे
भारत का पहला एक्सप्रेसवे

भारत में आपने कभी-न-कभी एक्सप्रेसवे से जरूर सफर किया होगा। देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हमें अलग-अलग एक्सप्रेसवे देखने को मिलते हैं। इस कड़ी में यदि देश के पहले एक्सप्रेसवे की बात करें, तो अहमदाबाद-वड़ोदरा एक्सप्रेसवे का नाम सबसे टॉप पर आता है।

इस एक्सप्रेसवे को भारतीय सड़क बुनियादी ढांचे के इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है, जिसने देश में एक्सप्रेसवे के निर्माण को नई दिशा दी। भारत सरकार ने इस एक्सप्रेसवे को नेशनल एक्सप्रेसवे-1 (NE-1) का दर्जा दिया है। इस लेख में हम इस बारे में विस्तार से जानेंगे।

क्या है एक्सप्रेसवे का इतिहास 

एनई-1 देश का पहला नेशनल एक्सप्रेसवे है, जिसका उद्घाटन 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा किया गया था। इस एक्सप्रेसवे के माध्यम से यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का खाका तैयार करने में मदद मिली थी।

कितना लंबा है एक्सप्रेसवे

अहमदाबाद-वड़ोदरा एक्सप्रेसव की कुल लंबाई की बात करें, तो यह करीब 93.1 किलोमीटर लंबा है। इसके माध्यम से अहमदाबाद और वड़ोदरा की दूरी कम हुई है। यह दोनों ही गुजरात के दो बड़े आर्थिक केंद्र माने जाते हैं। ऐसे में इस एक्सप्रेसवे का महत्त्व और भी बढ़ जाता है।

कितनी हुई समय की बचत 

एक्सप्रेसवे के निर्माण से पहले दोनों शहरों के बीच की यात्रा में करीब 3 घंटे का समय लग जाता था। हालांकि, एक्सप्रेसवे बन जाने के बाद दोनों शहरों के बीच समय घटकर 1 घंटा रह गया। 

4-लेन वाला है एक्सप्रेसवे

यह एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से 4-लेन वाला एक्सप्रेसवे है। इसके निर्माण के समय इस बात का ध्यान रखा गया है कि भविष्य में इसका विस्तार कर इसे 8-लेन तक किया जा सके।

कितनी रफ्तार के लिए डिजाइन किया गया है एक्सप्रेसवे

इस एक्सप्रेसवे को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि इस पर 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गाड़ियां फर्राटा भर सकती हैं। हालांकि, यहां गति सीमा निर्धारित कर 100 किलोमीटर प्रतिघंटा रखी गई है। पूरे एक्सप्रेसवे को पहुंच-नियंत्रित बनाया गया है। ऐसे में यहां केवल निर्धारित प्वाइंट्स से प्रवेश और निकासी हो सकती है।

एक्सप्रेसवे पर हैं ये सुविधाएं

-पूरे एक्सप्रेसवे पर एक भी चौराहा और ट्रैफिक लाइट नहीं है।

-यहां भारी आबादी वाले क्षेत्रों में अंडरपास और ओवरब्रिज बनाए गए हैं, जिससे बिना किसी बाधा के यातायात चल सके।

-पूरे एक्सप्रेसवे पर यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए फूड कोर्ट, पेट्रोल पंप और रिफ्रेंशमेंट एरिया बनाए गए हैं।

किस महान व्यक्ति के नाम से जाना जाता है एक्सप्रेसवे

नेशनल एक्सप्रेसवे-1 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से जाना जाता है।

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Kishan Kumar
Kishan Kumar

Senior content writer

A seasoned journalist with over 7 years of extensive experience across both print and digital media, skilled in crafting engaging and informative multimedia content for diverse audiences. His expertise lies in transforming complex ideas into clear, compelling narratives that resonate with readers across various platforms. At Jagran Josh, Kishan works as a Senior Content Writer (Multimedia Producer) in the GK section. He writes on national and international topics from a GK perspective. He can be reached at Kishan.kumar@jagrannewmedia.com

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First Published: May 20, 2026, 11:12 IST

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